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क्या है साइबर सुरक्षा का महत्व? जानें आर.डी. नेशनल कॉलेज में आयोजित जागरूकता सत्र की खास बातें

आर.डी. नेशनल कॉलेज में आयोजित एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र ने छात्रों को डिजिटल दुनिया के खतरों से अवगत कराया। इस कार्यक्रम में ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर बुलिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। यशस्वी यादव ने छात्रों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की सलाह दी। इस सत्र में एक गंभीर मामला भी सामने आया, जिसमें अक्षय कुमार की बेटी को ऑनलाइन खतरे का सामना करना पड़ा। जानें इस सत्र की अन्य महत्वपूर्ण बातें।
 
क्या है साइबर सुरक्षा का महत्व? जानें आर.डी. नेशनल कॉलेज में आयोजित जागरूकता सत्र की खास बातें

साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सत्र का आयोजन


मुंबई, 24 अप्रैल। देश में बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए आर.डी. नेशनल कॉलेज में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को डिजिटल खतरों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के बारे में जानकारी प्रदान करना था।


यह कार्यक्रम महाराष्ट्र साइबर विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें विभाग के प्रमुख यशस्वी यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


सत्र के दौरान छात्रों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा, फिशिंग हमलों और साइबर बुलिंग जैसे मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराधी किस प्रकार लोगों को फंसाने के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करते हैं और उनसे बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। छात्रों को यह भी बताया गया कि संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।


कार्यक्रम के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया। यशस्वी यादव ने बताया कि बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने साइबर विभाग से संपर्क कर एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी जब ऑनलाइन गेम खेल रही थी, तब उसे एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक संदेश भेजा गया, जिसमें उससे न्यूड तस्वीरें मांगी गईं।


इस घटना को महाराष्ट्र साइबर विभाग ने गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से आरोपी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखा जा सके।


यशस्वी यादव ने छात्रों से अपील की कि वे इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है।


आयोजनकर्ताओं के अनुसार, यह सत्र छात्रों के लिए काफी लाभकारी साबित हुआ और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के महत्व को समझने में मदद मिली।


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