क्या है बागेश्वर धाम का जादू? फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर ने साझा किए अपने अनुभव
अनुप्रिया नागर की बागेश्वर धाम यात्रा
छतरपुर, 20 सितंबर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित बागेश्वर धाम इन दिनों न केवल श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि फिल्म और मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। हाल ही में, नीम करौली बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' की निर्माता अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने धाम में चल रही विभिन्न सेवाओं और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और मीडिया से बातचीत में अपनी फिल्म, गुरुजी से मिले मार्गदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की।
अनुप्रिया ने पहले उस चर्चा पर स्पष्टीकरण दिया जिसमें कहा जा रहा था कि वह बागेश्वर धाम या बागेश्वर महाराज पर फिल्म बनाने जा रही हैं। उन्होंने इसे एक गलतफहमी बताया और कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा। उनका मानना है कि बागेश्वर धाम और गुरुजी के प्रति उनकी गहरी आस्था है, और यहां आने पर उन्हें ऐसा लगता है जैसे वह अपने परिवार के बीच हैं। हालांकि, फिल्म बनाने के संबंध में उन्होंने अभी कोई निश्चित घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जो भी कार्य होगा, उसमें गुरुजी का मार्गदर्शन और आशीर्वाद आवश्यक रहेगा।
अपनी बागेश्वर धाम यात्रा के अनुभव साझा करते हुए अनुप्रिया ने कहा, "मैं दूसरी बार बागेश्वर धाम आई हूं और भिवंडी मठ भी एक बार गई थी। यहां की ऊर्जा और आस्था बहुत मजबूत है। मैंने यहां की सभी व्यवस्थाएं देखी हैं और मुझे पता है कि यहां की ऊर्जा बहुत खास है।"
अपनी फिल्म 'हनुमान अंश' के सफर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि फिल्म को शुरुआत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहले सप्ताह के बाद फिल्म को लेकर उद्योग में कई बातें होने लगी थीं, जिससे उन्हें चिंता हुई। फिर भी, उन्होंने और उनकी टीम ने हिम्मत नहीं हारी। उन्हें विश्वास था कि नीम करौली बाबा की कृपा उनके साथ है और फिल्म आगे बढ़ेगी।
अनुप्रिया ने बताया कि बागेश्वर धाम के गुरुजी से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आगे के काम के लिए मार्गदर्शन मिला है। वह खुद को अभी भी सीखने की स्थिति में मानती हैं और गुरुजी से मिलने वाला हौसला उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वह चाहती हैं कि इसी सकारात्मक सोच के साथ वह फिल्म इंडस्ट्री में अपने कार्य को जारी रखें।
भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए अनुप्रिया ने कहा कि उनका ध्यान केवल फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं है। वह भारतीय संस्कृति और मूल्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं।
इस दौरान, उन्होंने धाम में चल रही अन्नपूर्णा रसोई और भंडारे की व्यवस्था की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है, जो उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। इसके अलावा, अनुप्रिया ने बागेश्वर धाम के गुरुकुल का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि यहां बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कृत, अंग्रेजी, घुड़सवारी और अन्य गतिविधियां भी सिखाई जा रही हैं। उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाएं भी देखीं और धाम में बन रहे कैंसर अस्पताल के बारे में भी जानकारी ली।
कैंसर अस्पताल के निर्माण कार्य के बारे में अनुप्रिया ने बताया कि निर्माण कार्य जारी है, लेकिन वहां मौजूद लोगों से उन्हें अस्पताल की योजना और भविष्य के विजन के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है। वर्तमान में गुरुजी अपने स्तर पर लोगों की मदद करते हैं, लेकिन भविष्य में कैंसर अस्पताल के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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