क्या है फिल्म 'गोदान' का संदेश? जानें गाय के महत्व पर आधारित इस फिल्म के बारे में!
फिल्म 'गोदान' का महत्व
मुंबई, 5 फरवरी। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गाय को विशेष स्थान प्राप्त है। इस महत्व को उजागर करने के लिए निर्देशक अमित प्रजापति ने फिल्म 'गोदान' का निर्माण किया है, जो 6 फरवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। इस फिल्म का समर्थन ममता कुलकर्णी ने किया है।
यह फिल्म दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति, दीनदयाल धाम, फरह, मथुरा (उत्तर प्रदेश) द्वारा प्रस्तुत की गई है और इसे कामधेनु इंटरनेशनल ने बनाया है।
ममता ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने दर्शकों से आग्रह किया कि वे इस फिल्म को अपने परिवार और दोस्तों के साथ अवश्य देखें। उन्होंने कहा, "दीनदयाल मथुरा समिति गौशाला द्वारा निर्मित फिल्म 'गोदान' 6 फरवरी को रिलीज हो रही है। इस फिल्म में गौमाता के महत्व को खूबसूरती से दर्शाया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "आप सभी अपने परिवार, बच्चों और दोस्तों के साथ इसे देखने जरूर जाएं ताकि बच्चे गाय के महत्व को समझ सकें और इस फिल्म का प्रचार समाज में हो। निर्माता-निर्देशक विनोज चौधरी हैं और प्रभारी शांतनु चौधरी जी हैं। मैं उन्हें धन्यवाद और शुभकामनाएं देती हूं।"
फिल्म 'गोदान' में गौमाता के सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर जोर दिया गया है। इसमें पंचगव्य के फायदों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो स्वास्थ्य, संस्कार, समृद्धि, समरसता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं।
दर्शकों में इस फिल्म को लेकर उत्साह है, क्योंकि यह मनोरंजन के साथ-साथ एक गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश भी प्रस्तुत करती है। विनोद चौधरी द्वारा निर्मित और निर्देशित इस फिल्म में उपासना सिंह, मनोज जोशी, साहिल आनंद, सहर्ष शुक्ला और सत्येंद्र मौर्या जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
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