क्या है 'द ग्रेट इंडियन किचन' का असर? निमिषा सजयन ने साझा की दिलचस्प बातें
फिल्म का प्रभाव और महिलाओं की स्थिति
मुंबई, 2 सितंबर। कुछ फिल्में दर्शकों को उनके जीवन और परिवेश को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती हैं। मलयालम फिल्म 'द ग्रेट इंडियन किचन' भी ऐसी ही एक फिल्म है। 2021 में रिलीज हुई इस फिल्म ने घरेलू कार्यों, विवाह और महिलाओं की जिम्मेदारियों पर समाज की सोच को चुनौती दी।
अभिनेत्री निमिषा सजयन ने इस फिल्म के प्रभाव के बारे में बताया कि कई पुरुषों ने उन्हें संदेश भेजकर कहा कि वे अब अपने घर जाकर अपना टिफिन खुद धोने लगे हैं। फिल्म का उद्देश्य महिलाओं को कमजोर दिखाना नहीं था, बल्कि यह सवाल उठाना था कि कैसे घर में महिलाओं की मेहनत को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
निमिषा ने एक इंटरव्यू में कहा, "आज की महिलाएं आत्मनिर्भर और मजबूत हैं। वे अपने साथ-साथ परिवार और घर की जिम्मेदारियों को भी संभालती हैं। 'द ग्रेट इंडियन किचन' के बाद मुझे कई पुरुषों से संदेश मिले, जिनमें बदलाव की झलक दिखाई दी। कुछ ने कहा कि वे अब घर जाकर अपने टिफिन को खुद साफ करते हैं और अन्य कामों में भी मदद करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "फिल्म का उद्देश्य महिलाओं को केवल दुखी दिखाना नहीं था। कहानी इससे कहीं अधिक गहरी है। यह सवाल उठाती है कि घर में महिलाओं के काम को सामान्य क्यों मान लिया जाता है, जबकि उनकी मेहनत को नजरअंदाज किया जाता है। खाना बनाना, सफाई करना और घर की अन्य जिम्मेदारियां अक्सर महिलाओं की जिम्मेदारी मानी जाती हैं, लेकिन यह नहीं सोचा जाता कि वे भी थकती हैं और उन्हें भी आराम की आवश्यकता होती है।"
निमिषा ने कहा, "फिल्म वास्तव में यह दिखाने का प्रयास करती है कि पुरुष महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार करते हैं और कई बार उनकी मेहनत को बिना सोचे-समझे अपना अधिकार मान लेते हैं। कहानी का असली सवाल यही है कि क्या घर की जिम्मेदारियां केवल महिलाओं की हैं या परिवार के हर सदस्य को इसमें योगदान देना चाहिए।"
'द ग्रेट इंडियन किचन' में निमिषा ने एक शिक्षित महिला का किरदार निभाया है, जिसकी अरेंज मैरिज होती है। शादी के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। वह एक ऐसे घर में जाती है, जहां उससे उम्मीद की जाती है कि वह खाना बनाए, घर का काम करे और पुरुषों की जरूरतों का ध्यान रखे। शुरुआत में वह इन जिम्मेदारियों को निभाने की कोशिश करती है, लेकिन धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि उसकी अपनी इच्छाओं और आजादी की कोई अहमियत नहीं है।
यह फिल्म जनवरी 2021 में सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी। इसमें निमिषा के साथ सूरज वेंजारामूडु भी महत्वपूर्ण भूमिका में थे। फिल्म ने घर और विवाह में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर काफी चर्चा उत्पन्न की। इसके बाद इसका हिंदी रीमेक 'मिसेज' भी बनाया गया, जिसमें सान्या मल्होत्रा मुख्य भूमिका में थीं। जब निमिषा से पूछा गया कि क्या उन्होंने 'मिसेज' देखी है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसे देखने का अभी तक मौका नहीं मिला है।
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