क्या है 'द केरल स्टोरी-2' का विवाद? जानें फिल्म के पीछे की सच्चाई
फिल्म 'द केरल स्टोरी-2' का विवाद
नई दिल्ली, 31 जनवरी। फिल्म 'द केरल स्टोरी-2' का टीजर जारी होते ही यह विवादों में आ गया है। इस फिल्म में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण का संवेदनशील मुद्दा उठाया गया है।
कुछ लोगों ने इसे एक विशेष समुदाय के खिलाफ प्रोपेगेंडा करार दिया है, जबकि संत समाज का कहना है कि यह फिल्म वास्तविकता को दर्शाती है। मुस्लिम धर्मगुरु और ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने इस फिल्म का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि नफरत फैलाने का एक साधन है।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि 'द केरल स्टोरी-2' के टीजर में यह दिखाया गया है कि मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं और उनका धर्मांतरण कराते हैं। जबकि नेशनल क्राइम ब्यूरो, केरल पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों का कहना है कि ये सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने इसे नफरत फैलाने का एक प्रयास बताया।
उन्होंने आगे कहा, "मुसलमान इस देश के प्रति ईमानदार हैं। फिल्म में जो दिखाया गया है, वह पूरी तरह से गलत है और मैं इसका विरोध करता हूं। ऐसी फिल्मों को रिलीज नहीं किया जाना चाहिए जो दो समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देती हैं।"
'द केरल स्टोरी-2' को सोशल मीडिया पर भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विरोध करने वाले इसे विशेष समुदाय को निशाना बनाने वाला मानते हैं, जबकि संत समाज और राजनीतिक लोग इसे जेहादियों की सच्चाई बताते हैं।
इस फिल्म में तीन लड़कियों की कहानी दिखाई गई है, जिसमें उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। ये लड़कियाँ उन महिलाओं का किरदार निभा रही हैं, जिनके पतियों ने उनका जबरन धर्मांतरण कराया है।
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