क्या सलमान खान की छवि पर खतरा? 'काला हिरण' फिल्म पर रोक लगाने की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली, 12 जून। अभिनेता सलमान खान ने अपनी छवि की सुरक्षा के लिए फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई, जहां जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने एकल पीठ के रूप में मामले की सुनवाई की। अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 19 जून को होगी।
सलमान खान की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने अदालत में कहा कि अभिनेता के पर्सनैलिटी राइट्स पहले से ही हाईकोर्ट द्वारा संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इन अधिकारों में सलमान की छवि, पहचान, उनके समान दिखने वाले स्वरूप और अन्य व्यक्तिगत विशेषताएं शामिल हैं।
अदालत में यह भी बताया गया कि 29 मई को फिल्म का एक पोस्टर जारी किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति सलमान खान जैसा दिख रहा है और उसने वही ब्रेसलेट पहना हुआ है, जिसे सलमान लंबे समय से पहनते आ रहे हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म के प्रचार में उनकी पहचान का उपयोग बिना अनुमति के किया जा रहा है।
अभिनेता के वकील ने यह भी कहा कि 1998 के काला हिरण शिकार मामले से जुड़े चार मामलों में से तीन में सलमान को राहत मिल चुकी है, जबकि एक मामला अभी अपील में है। उनका कहना है कि फिल्म और उसके प्रचार से उनका नाम विवादों में आ रहा है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे हैं।
सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म के निर्माता अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, निर्देशक भरत एस. श्रीनाते, अक्षय पांडेय और अन्य को पक्षकार बनाया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि फिल्म के निर्माण, वितरण, प्रचार और रिलीज पर रोक लगाई जाए। याचिका में कहा गया है कि फिल्म का पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करती है। अभिनेता का दावा है कि उनकी पहचान और सार्वजनिक छवि का उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है।
'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' 1998 के काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित है। हाल ही में फिल्म का फर्स्ट लुक और ट्रेलर भी जारी किया गया है। सलमान खान की कानूनी टीम ने पहले ही फिल्म निर्माताओं को नोटिस भेजा है और अब मामला दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अदालत इस मामले में 19 जून को आगे की सुनवाई करेगी।
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