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क्या 'रामायण' फिल्म में धार्मिक भावनाएं आहत होंगी? जानें विवाद की पूरी कहानी!

फिल्म 'रामायण', जिसमें रणबीर कपूर और सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं, रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की मांग की है, यह चेतावनी देते हुए कि यदि फिल्म में आपत्तिजनक सामग्री पाई गई, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ का कहना है कि फिल्म में धार्मिक पात्रों का चित्रण सही होना चाहिए। इस विवाद ने दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। क्या निर्माता महासंघ की मांग पर ध्यान देंगे? जानें पूरी कहानी।
 

फिल्म 'रामायण' में विवादों का साया


रणबीर कपूर, सनी देओल और यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' रिलीज से पहले ही विवादों में फंस गई है। श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र भेजकर फिल्म की रिलीज से पहले विशेष स्क्रीनिंग की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर फिल्म में भगवान राम, रामायण के पात्रों या सनातन धर्म से संबंधित कोई आपत्तिजनक दृश्य या संवाद पाए गए, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह विवाद उस समय सामने आया है जब दर्शकों में 'रामायण' को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता है।


महासंघ की विशेष स्क्रीनिंग की मांग


महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने पत्र में कहा है कि फिल्म को इस दिवाली देश-विदेश में रिलीज करने से पहले महासंघ के प्रतिनिधियों को विशेष शो में दिखाया जाए। उनका कहना है कि महासंघ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि फिल्म में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान या रामायण से जुड़े अन्य पात्रों का चित्रण धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हो और किसी भी प्रकार की गलत व्याख्या या संवाद शामिल न हों।


धार्मिक भावनाओं को आहत करने की आशंका

महासंघ का दावा है कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार फिल्म में कुछ ऐसे दृश्य हो सकते हैं, जो हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने फिल्म की पूर्व स्क्रीनिंग की मांग उठाई है। हालांकि, महासंघ ने अपने पत्र में किसी विशेष दृश्य या संवाद का उल्लेख नहीं किया है।


विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

अर्जुन कुमार ने कहा कि यदि फिल्म निर्माता उनकी मांग नहीं मानते हैं और फिल्म में आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में सिनेमाघरों के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रदर्शन में विभिन्न हिंदू संगठनों के हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे और जरूरत पड़ने पर धरना भी दिया जाएगा।


निर्माताओं की चुप्पी

फिलहाल, फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी या प्रोडक्शन हाउस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह देखना होगा कि फिल्म निर्माता महासंघ की मांग पर कोई निर्णय लेते हैं या नहीं। यदि इस मुद्दे पर बातचीत होती है, तो रिलीज से पहले विवाद शांत होने की संभावना बन सकती है। 'रामायण' को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिल्म की रिलीज से पहले चर्चा का विषय बन गया है और अब सभी की नजरें मेकर्स की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।


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