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क्या नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों का समर्थन किया? वायरल वीडियो की सच्चाई जानें!

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि नसीरुद्दीन शाह छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन यह दावा पूरी तरह से गलत है। असल में, शाह दिल्ली में नहीं थे और वीडियो को जानबूझकर काटकर साझा किया गया है। इस लेख में हम इस वायरल वीडियो की सच्चाई और जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। क्या नसीरुद्दीन शाह ने वाकई में छात्रों का समर्थन किया? जानें पूरी कहानी!
 

सोशल मीडिया पर फैला फर्जी दावा


एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें यह दावा किया गया है कि प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। कहा गया कि वे अपने बेटों, इमाद शाह और विवान शाह के साथ मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से इस विरोध में शामिल हुए। लेकिन जब इस मामले की गहराई से जांच की गई, तो यह पूरी तरह से गलत और भ्रामक पाया गया। वास्तव में, नसीरुद्दीन शाह दिल्ली में नहीं थे, इसलिए उनका जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होना असत्य है।


फेक वीडियो का सच


वायरल वीडियो में नसीरुद्दीन शाह अपने बेटे के साथ खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि लोग उनके पास से गुजर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे गलत तरीके से पेश किया कि वे विरोध स्थल पर गए थे और छात्रों का समर्थन किया। लेकिन उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। असलियत यह है कि वीडियो को जानबूझकर काटकर साझा किया गया है। असली फुटेज में यह स्पष्ट है कि नसीरुद्दीन शाह जंतर-मंतर पर नहीं, बल्कि एक थिएटर इवेंट में थे। वीडियो के उस हिस्से को हटा दिया गया है, जिसमें घटना की वास्तविक जगह दिखाई दे रही थी, ताकि लोगों को यह भ्रम हो सके कि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल थे।


वीडियो की टाइमलाइन

इस झूठे दावे की सच्चाई टाइमलाइन से भी उजागर होती है। असली वीडियो सबसे पहले 15 जुलाई को अपलोड किया गया था और 20 जुलाई को दोबारा साझा किया गया। सोमवार को, इसे विरोध प्रदर्शन से जोड़कर एक झूठे दावे के साथ वायरल किया गया, जबकि छात्र आंदोलन से इसका कोई संबंध नहीं था। हालांकि, नसीरुद्दीन शाह ने सोशल मीडिया पर CJP के विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।


जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की स्थिति

इस बीच, सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी बारिश के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने विरोध स्थल की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया, जिसके बाद कई समूहों ने मुख्य बैरिकेड्स से बचने के लिए दिल्ली की अंदरूनी गलियों का रास्ता अपनाया। इसके परिणामस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ गया, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करने की आवश्यकता पड़ी।


स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, 'कॉकरोच जनता पार्टी' के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गईं: सोनम वांगचुक को तुरंत अस्पताल से रिहा किया जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें, और NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले उम्मीदवारों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विरोध कर रहे छात्रों और संगठनों से अपील की है कि वे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करें और प्रशासन का सहयोग करें।


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