कौन हैं मीनू मुमताज? जानें हिंदी सिनेमा की इस अदाकारा की अनकही कहानी
मीनू मुमताज: एक अद्वितीय यात्रा
मुंबई, 22 अक्टूबर। 1950 और 1960 के दशक में, जब महिलाओं के लिए शिक्षा प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, एक अभिनेत्री और नृत्यांगना ने अपनी कला और आकर्षण से हिंदी फिल्म उद्योग पर एक अमिट छाप छोड़ी।
हम बात कर रहे हैं मीनू मुमताज की, जो हिंदी सिनेमा की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री और अद्भुत डांसर थीं। उनकी पुण्यतिथि शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर, आइए जानते हैं उनके जीवन और करियर के बारे में।
मीनू मुमताज का असली नाम मलिकुन्निसा अली था। उनका जन्म 26 अप्रैल 1942 को मुंबई में एक कला प्रेमी परिवार में हुआ। उनके पिता, मुमताज अली, एक प्रसिद्ध डांसर और चरित्र अभिनेता थे, जबकि उनकी माता का नाम लतीफ उन्निसा था। मीनू अपने आठ भाई-बहनों में से एक थीं, और प्रसिद्ध कॉमेडियन महमूद अली उनके सगे भाई थे।
बचपन से ही मीनू को नृत्य में गहरी रुचि थी। वह अक्सर अपने पिता के साथ विभिन्न शहरों में स्टेज शो करती थीं। हालांकि, उनके पिता की शराब की लत के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। इस कठिनाई के बीच, मीनू ने युवा अवस्था में ही तय कर लिया कि वह स्टेज शो के साथ-साथ फिल्मों में भी करियर बनाएंगी।
उनकी मेहनत रंग लाई और महज 13 साल की उम्र में, 1955 में, निर्देशक नानूभाई वकील ने उन्हें फिल्म 'सफी खातिम' में पहला मौका दिया। लेकिन असली सफलता उन्हें 1956 में गुरुदत्त की हिट फिल्म 'सीआईडी' से मिली, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया।
इसके बाद, मीनू की किस्मत चमक उठी और उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया। वह न केवल एक खूबसूरत अभिनेत्री थीं, बल्कि एक बेहतरीन डांसर भी। उन्होंने हीरोइन के साथ-साथ कैरेक्टर और साइड रोल भी निभाए। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'आशा', 'माई बाप', 'हलाकू', 'घर घर की बात', 'चित्रलेखा', 'चौदहवीं का चांद', 'कागज के फूल' और 'हावड़ा ब्रिज' शामिल हैं।
मीनू मुमताज ने 12 जून 1963 को फिल्म निर्देशक सैयद अली अकबर (एस. अली अकबर) से विवाह किया। उनके चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हुए। शादी और बच्चों के जन्म के बाद, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। उन्होंने अपने अंतिम वर्ष कनाडा में बिताए और 23 अक्टूबर 2021 को 79 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
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