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इंडियन आइडल में मोहम्मद रफी और शम्मी कपूर का जादू: एक भावुक पल का इंतज़ार

इंडियन आइडल के आगामी एपिसोड में मोहम्मद रफी और शम्मी कपूर की जोड़ी को उनके प्रसिद्ध गीत ‘दिल के झरोखे में’ के माध्यम से याद किया जाएगा। इस खास मौके पर मनोज मुंतशिर भी शामिल होंगे, जिन्होंने शम्मी कपूर के इस गाने से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी साझा की। जानें कैसे शम्मी कपूर ने इस गाने को फिल्माने से मना किया था और उनकी भावनाओं का क्या महत्व था। इसके अलावा, मनोज ने हाल ही में जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग वेब सीरीज ‘चिरैया’ की भी सराहना की है।
 
इंडियन आइडल में मोहम्मद रफी और शम्मी कपूर का जादू: एक भावुक पल का इंतज़ार

एक यादगार एपिसोड का आगाज़


मुंबई, 8 मई। आगामी इंडियन आइडल एपिसोड में दर्शकों को एक भावुक और यादगार क्षण देखने को मिलेगा। इस शो में महान गायक मोहम्मद रफी और दिवंगत अभिनेता शम्मी कपूर की जोड़ी को उनके प्रसिद्ध गीत ‘दिल के झरोखे में’ के माध्यम से श्रद्धांजलि दी जाएगी।


इस विशेष एपिसोड में गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर भी शामिल होंगे। यह एपिसोड आशा भोसले को समर्पित है। इस दौरान, मनोज मुंतशिर ने इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि शम्मी कपूर इस गाने को फिल्माने के लिए पहले तैयार नहीं थे।


मनोज ने कहा, “जब शम्मी जी को यह गाना सुनाया गया, तो उन्होंने इसे फिल्माने से मना कर दिया था। फिल्म ‘ब्रह्मचारी’ के निर्माता रमेश सिप्पी थे, और सेट पर यह खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। सभी को लगा कि शायद शम्मी जी को गाना पसंद नहीं आया।”


इसके बाद, मनोज ने असली कारण भी बताया। उन्होंने कहा, “असल में, शम्मी जी ने कहा था कि फिल्म के उस दृश्य में उन्हें रोना नहीं था, लेकिन शंकर–जयकिशन ने इतना भावुक गाना बना दिया था कि उन्हें डर था कि शूटिंग के दौरान वे अपने आंसू नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने कहा था, ‘मैं खुद को जानता हूं… कृपया यह गाना बदल दीजिए।’”


मनोज मुंतशिर ने आगे बताया कि शम्मी कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इस गाने की शूटिंग करते समय अपने आंसू रोकना उनके लिए बेहद कठिन था। उस भावना को केवल उनका दिल ही समझ सकता था।


हाल ही में, मनोज मुंतशिर ने जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग वेब सीरीज ‘चिरैया’ की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कला और कलम का समाज के प्रति एक जिम्मेदारी होती है और यह सीरीज इस कसौटी पर खरी उतरती है। उन्होंने कहा कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए। ‘चिरैया’ हमें एक बेहतर, संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति तथा समाज बनाने की प्रेरणा देती है।


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