आदिल हुसैन: 18 साल की उम्र में घर छोड़कर बने नेशनल अवॉर्ड विजेता
एक्टर का जन्म और प्रारंभिक जीवन
एक्टर का जन्मदिन विशेष: बॉलीवुड में कई ऐसे अभिनेता और अभिनेत्रियाँ हैं, जिन्होंने अपने करियर के लिए अपने परिवार और घर को छोड़ दिया। इनकी मेहनत के बाद ही इन्हें पहचान मिलती है। आज हम एक ऐसे अभिनेता की कहानी साझा कर रहे हैं, जिसने मात्र 18 वर्ष की आयु में अपने घर को छोड़ दिया। उन्होंने कई वर्षों तक फिल्म इंडस्ट्री में काम किया और दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते। हम बात कर रहे हैं आदिल हुसैन की।
घर छोड़ने का साहस
18 की उम्र में छोड़ा घर
आदिल हुसैन का जन्म 5 अक्टूबर 1963 को असम के गोलपाड़ा में हुआ। वे अपने माता-पिता के सातवें संतान हैं। उनके पिता एक हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल थे और उनके पूर्वज मुगल सम्राटों के व्यक्तिगत ट्यूटर रहे हैं। आदिल को बचपन से ही अभिनय का शौक था। उन्होंने 18 साल की उम्र में घर छोड़कर कॉलेज के नाटकों में अभिनय करना शुरू किया। इसके बाद उन्हें चार्ल्स वालेस इंडिया ट्रस्ट से स्कॉलरशिप मिली, जिससे उन्होंने लंदन के ड्रामा स्टूडियो में अध्ययन किया।
फिल्मी करियर की शुरुआत
शाहिद कपूर के साथ किया डेब्यू
भारत लौटने के बाद, आदिल ने 2003 में फिल्म 'ओथेलो' से अपने करियर की शुरुआत की। 2009 में, उन्होंने शाहिद कपूर के साथ फिल्म 'कमीने' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया, जिनमें 'इंग्लिश विंग्लिश', 'लाइफ ऑफ पाई', 'लुटेरा', और 'कमांडो 2' शामिल हैं।
नेशनल अवॉर्ड की प्राप्ति
नेशनल अवॉर्ड से हुए सम्मानित
आदिल हुसैन को 2012 में 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म 'होटल साल्वेशन' और 'माज रति केटेकी' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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