अभिनेत्री रीता भादुड़ी: पर्दे पर छोटी भूमिकाओं में भी बड़ा प्रभाव छोड़ने वाली स्टार
रीता भादुड़ी का अद्वितीय करियर
मुंबई, 3 नवंबर। अभिनेत्री रीता भादुड़ी ने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं, जिनकी कहानी भले ही सीमित रही हो, लेकिन उनकी उपस्थिति को नजरअंदाज करना संभव नहीं था। 1975 में आई फिल्म 'जूली' में उन्होंने हीरोइन की सहेली का रोल किया, और 'राजा' में अपने अभिनय के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।
हालांकि, उन्हें लीड हीरोइन के रूप में व्यापक पहचान नहीं मिली, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। मां, बहन, दोस्त और दादी के किरदारों में उन्होंने ऐसी छाप छोड़ी कि दर्शक आज भी उन्हें याद करते हैं।
रीता भादुड़ी का जन्म 4 नवंबर 1955 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) से अभिनय की शिक्षा ली। उनकी मां चंद्रिमा भादुड़ी भी एक अभिनेत्री थीं। रीता ने 1968 में फिल्म 'तेरी तलाश में' से अपने करियर की शुरुआत की। 1975 में आई फिल्म 'जूली' ने उन्हें पहचान दिलाई, जिसमें उन्होंने जूली की सहेली का किरदार निभाया। फिल्म का गाना 'ये रातें नई पुरानी' भी उन पर फिल्माया गया था।
इसके बाद, रीता ने कई सफल फिल्मों में काम किया, जैसे 'सावन को आने दो', 'विश्वनाथ', 'अनुरोध', 'अंखियों के झरोखों से', 'किताब' और 'गोपाल कृष्ण'। 1979 में आई फिल्म 'सावन को आने दो' में उनके अभिनय को सराहा गया। उन्होंने हिंदी के अलावा गुजराती और अन्य क्षेत्रीय फिल्मों में भी काम किया।
मलयालम फिल्म 'कन्याकुमारी' में कमल हासन के साथ उनकी भूमिका भी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। 1990 के दशक में, रीता ने कई बड़े सितारों के साथ काम किया, जैसे 'बेटा', 'हीरो नंबर 1', 'कभी हां कभी ना', 'तमन्ना', 'राजा', 'क्या कहना' और 'दिल विल प्यार व्यार'। 1995 में रिलीज हुई फिल्म 'राजा' में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला।
रीता ने फिल्मों के साथ-साथ टीवी पर भी सक्रियता बनाए रखी। उन्होंने लगभग तीन दशकों में 30 से अधिक टीवी शोज में अभिनय किया। 'अमानत', 'हसरतें', 'एक महल हो सपनों का', 'कुमकुम', 'छोटी बहू', 'खिचड़ी' और 'साराभाई वर्सेस साराभाई' उनके प्रसिद्ध शोज में शामिल हैं। उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए, जिसमें मां, सास और दादी की भूमिकाएं शामिल थीं।
उनके आखिरी चर्चित किरदारों में टीवी शो 'निमकी मुखिया' की इमरती देवी शामिल थीं। इस किरदार में वह परिवार की बुजुर्ग महिला के रूप में नजर आईं। उन्होंने गुजराती फिल्म 'तंबूरो' में भी काम किया, जो 2017 में रिलीज हुई।
रीता भादुड़ी का निधन 17 जुलाई 2018 को 62 वर्ष की आयु में हुआ। उनके करियर में लगभग 70 फिल्में और 30 से अधिक टीवी शोज शामिल रहे।
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