क्या मोटर बीमा में कमीशन की नई व्यवस्था ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगी?
नई दिल्ली में मोटर बीमा वितरण में बदलाव की तैयारी
Motor Insurance Commission (Image Credit-Social Media)
Motor Insurance Commissionनई दिल्ली। नई कार या बाइक खरीदते समय शोरूम से मिलने वाले बीमा को अनिवार्य मानने वाले ग्राहकों के लिए आने वाले समय में स्थिति में बदलाव संभव है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमा वितरण प्रणाली में सुधार के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। इसके पीछे एक चौंकाने वाला तथ्य है—वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मोटर बीमा प्रीमियम में लगभग 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि वितरकों को मिलने वाला कमीशन 259 प्रतिशत बढ़ गया। IRDAI ने इसे मोटर बीमा वितरण में पारदर्शिता की कमी और ग्राहकों के लिए सीमित विकल्पों से जोड़ा है। 23 सितंबर 2026 को ‘Recalibrating Economics of Insurance Distribution’ शीर्षक से एक विस्तृत परामर्श पत्र जारी किया गया है, जिसमें 25 अक्टूबर तक सार्वजनिक टिप्पणियों की मांग की गई है। इसलिए, ये नियम अभी लागू नहीं हुए हैं और अंतिम नियमों के लिए सुझाव मांगे गए हैं।
कमीशन की बढ़ती दरें और ग्राहक विकल्प
इस प्रस्ताव का सीधा प्रभाव उस व्यवस्था पर पड़ेगा जिसमें ग्राहक नई गाड़ी खरीदते समय कीमत पर मोलभाव करता है, लेकिन बीमा के मामले में अक्सर डीलर द्वारा सुझाई गई कंपनी और कीमत को स्वीकार कर लेता है। IRDAI का कहना है कि मोटर बीमा की बिक्री का नियंत्रण आमतौर पर वाहन डीलर या बीमा ब्रोकर के हाथ में होता है। इस समय ग्राहक नई गाड़ी खरीदने की प्रक्रिया में व्यस्त होता है और विभिन्न बीमा कंपनियों की कीमतों और सुविधाओं की तुलना करने में असमर्थ होता है। नियामक के अनुसार, इस वितरण नियंत्रण ने ऐसी स्थिति पैदा की है जिसमें कमीशन बिक्री तक पहुंच के नियंत्रण से अधिक प्रभावित होता है।
कमीशन और प्रीमियम का अनुपात
₹29,000 करोड़ प्रीमियम में कमीशन का आंकड़ा
IRDAI के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में वाहन निर्माता कंपनियों से जुड़े बीमा ब्रोकर और Motor Insurance Service Providers (MISP) ने मिलकर लगभग ₹29,000 करोड़ का मोटर बीमा प्रीमियम जुटाया और इसके बदले में लगभग ₹7,050 करोड़ कमीशन प्राप्त किया। इसका सीधा अनुपात यह है कि हर ₹100 के प्रीमियम पर औसतन ₹24.31 वितरण कमीशन में गया। नियामक के अनुसार, इन माध्यमों की नए और पुराने वाहनों को मिलाकर मोटर बीमा बाजार में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कमीशन की विविधता
औसत कमीशन दरें
IRDAI के परामर्श पत्र में मोटर बीमा कमीशन की सीमा को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। विश्लेषण के अनुसार, मोटर बीमा में औसत कमीशन लगभग 24 प्रतिशत रहा है, लेकिन विभिन्न वितरण व्यवस्थाओं में यह 13 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक पाया गया। नई गाड़ियों के लिए वाहन निर्माता से जुड़े ब्रोकरों का औसत कमीशन लगभग 27 प्रतिशत और MISP का औसत लगभग 38 प्रतिशत है। पुराने वाहनों पर MISP का औसत कमीशन करीब 12 प्रतिशत था।
कमीशन में वृद्धि का कारण
कमीशन में 259% की वृद्धि
IRDAI की चिंता यह है कि वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मोटर प्रीमियम में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मोटर बीमा कमीशन में 259 प्रतिशत की वृद्धि हुई। IRDAI के नमूने में औसत कमीशन दर लगभग 9 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच गई। अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा में औसत कमीशन 4.3 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया।
थर्ड पार्टी बीमा की अनिवार्यता
नई कार के लिए थर्ड पार्टी बीमा
नई निजी कार के लिए तीन वर्ष का दीर्घकालिक थर्ड पार्टी बीमा लेना आवश्यक है। दोपहिया वाहनों के लिए यह अवधि पांच वर्ष होती है। लेकिन ग्राहक को यह बीमा उसी डीलर से खरीदना अनिवार्य नहीं है। ग्राहक वैध बीमा कंपनी या अधिकृत माध्यम से पॉलिसी ले सकता है।
डिजिटल बीमा मंच का प्रस्ताव
QR कोड के माध्यम से बीमा विकल्प
IRDAI ने प्रस्तावित किया है कि नई और पुरानी दोनों गाड़ियों के मोटर बीमा उत्पाद डिजिटल मंचों पर उपलब्ध हों। डीलरों को अपने शोरूम में इस डिजिटल विकल्प को प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा और QR कोड देना होगा, जिसे स्कैन करके ग्राहक सीधे डिजिटल बीमा मंच पर पहुंच सकेगा।
कमीशन शून्य करने का प्रस्ताव
नई गाड़ियों के लिए कमीशन शून्य
IRDAI ने नई गाड़ियों के अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा पर वितरण संस्थाओं के लिए कमीशन शून्य करने का प्रस्ताव रखा है। व्यक्तिगत एजेंटों के लिए अधिकतम 2.5 प्रतिशत कमीशन की गुंजाइश प्रस्तावित की गई है।
कैशलेस मरम्मत की सुविधा
कैशलेस मरम्मत पर रोक
एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह है कि डीलर ग्राहक को कैशलेस मरम्मत सुविधा से इनकार नहीं कर सकेगा यदि उसने बीमा उसी डीलर से नहीं खरीदा।
ऋण के साथ बीमा की प्रथा पर शिकंजा
बीमा को जबरन जोड़ने पर रोक
IRDAI ने बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के माध्यम से ऋण के साथ बीमा को जबरन जोड़ने की प्रथा पर भी चिंता जताई है। प्रस्ताव के अनुसार, ऋण के साथ केवल ऐसे बीमा पैकेज स्वीकार किए जाने चाहिए जिनसे ग्राहक को स्पष्ट लाभ हो।
बीमा सुगम का परिचय
बीमा सुगम क्या है?
बीमा सुगम को बीमा क्षेत्र के लिए एक साझा डिजिटल बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्राहक विभिन्न कंपनियों की बीमा पॉलिसियों को देख, तुलना और खरीद सके।
ग्राहकों के लिए संभावित लाभ
बीमा प्रीमियम में संभावित बदलाव
यदि किसी वाहन की बीमा पॉलिसी का प्रीमियम ₹50,000 है और वितरण लागत औसतन 24 प्रतिशत है, तो उसका गणितीय मूल्य लगभग ₹12,000 बैठता है। यदि कमीशन 38 प्रतिशत है, तो यह राशि बढ़कर ₹19,000 हो सकती है।
नियमों का कार्यान्वयन
नियमों का कार्यान्वयन अभी बाकी है
इन प्रस्तावों को अभी लागू नियम न माना जाए। IRDAI ने इन्हें परामर्श पत्र के रूप में जारी किया है और 25 अक्टूबर 2026 तक सुझाव मांगे हैं।
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