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सांपों के प्रति आस्था: दुनिया के अनोखे स्नेक फेस्टिवल्स की कहानी

दुनिया भर में सांपों की पूजा के कई अनोखे त्योहार मनाए जाते हैं, जो सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखते हैं। भारत में नाग पंचमी से लेकर इटली के स्नेक कैचर्स फेस्टिवल तक, ये आयोजन मानव और प्रकृति के बीच के संबंध को दर्शाते हैं। जानें इन त्योहारों की खासियत और सांपों के प्रति आस्था के पीछे की कहानियाँ।
 
सांपों के प्रति आस्था: दुनिया के अनोखे स्नेक फेस्टिवल्स की कहानी

सांपों की पूजा: एक वैश्विक परंपरा

Nag Panchami Special 2026 Snake Festivals Around The World

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Nag Panchami Special 2026: भारत एक ऐसा देश है जहाँ जीव-जंतुओं को पूजा जाता है, जिसमें सांपों को भगवान शिव का रक्षक माना जाता है। हालांकि, सांपों का नाम सुनते ही कई लोगों में डर पैदा हो जाता है। लेकिन विश्व के विभिन्न हिस्सों में, ये सांप आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भारत से लेकर अफ्रीका और यूरोप तक, ऐसे कई त्योहार मनाए जाते हैं जहाँ सांपों को देवता का दर्जा दिया जाता है। ये त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच के संबंध को भी दर्शाते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के 7 अनोखे स्नेक फेस्टिवल्स के बारे में, जो आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं।


नाग पंचमी: भारत और नेपाल का प्रमुख सांप उत्सव

सावन के महीने में नाग पंचमी का त्योहार विशेष महत्व रखता है। यह भारत और नेपाल में मनाया जाता है और नाग देवता को समर्पित होता है। इस दिन लोग मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और अपने परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करते हैं। हिंदू धर्म में शेषनाग, वासुकी और तक्षक जैसे नागों का विशेष स्थान है। इसलिए, नाग पंचमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।


मनसा मां की पूजा: सांपों की देवी

पश्चिम बंगाल, असम और बांग्लादेश में मनसा पूजा का विशेष महत्व है। मनसा देवी को सांपों की देवी माना जाता है और उनकी पूजा से सर्पदंश और अन्य बीमारियों से सुरक्षा की मान्यता है। इस उत्सव में मिट्टी से बने नागों की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और लोकगीत, लोककथाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।


मलेशिया का स्नेक टेंपल

पेनांग, मलेशिया में स्थित स्नेक टेंपल एक अनोखा धार्मिक स्थल है। यह बौद्ध संत चोर सू कोंग को समर्पित है, जिन्होंने सांपों को आश्रय दिया था। इस मंदिर में विशेष धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।


नागुला चविथी पर्व

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में नागुला चविथी का पर्व मनाया जाता है। यह त्योहार दीपावली के बाद आता है और महिलाएं इस दिन नाग देवताओं की पूजा करती हैं।


बेनिन का पायथन फेस्टिवल

पश्चिम अफ्रीका के बेनिन में हर साल पायथन फेस्टिवल आयोजित होता है। यहाँ पायथन को पवित्र जीव माना जाता है और इसे आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है।


नागोबा जातरा

तेलंगाना के केसलापुर में नागोबा जातरा भारत के सबसे बड़े आदिवासी धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह उत्सव गोंड समुदाय के कुलदेवता नागोबा को समर्पित है।


इटली का रितो देई सेरपारी

इटली के अब्रूज्जो क्षेत्र के कोकुल्लो गांव में हर साल 1 मई को रितो देई सेरपारी या स्नेक कैचर्स फेस्टिवल मनाया जाता है। इस दौरान संत डोमिनिक की प्रतिमा पर जीवित सांप लिपटे होते हैं।


इन स्नेक फेस्टिवल्स का महत्व

ये त्योहार केवल सांपों की पूजा तक सीमित नहीं हैं। ये विभिन्न सभ्यताओं में सांपों को शक्ति, सुरक्षा, उर्वरता, पुनर्जन्म और प्रकृति के संतुलन के प्रतीक के रूप में देखने का संकेत देते हैं।


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