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भारत के नए मुख्य न्यायाधीश: CJI सूर्यकांत की प्रेरणादायक यात्रा

भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश, CJI सूर्यकांत की यात्रा हरियाणा के हिसार से शुरू हुई और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनकी शिक्षा, करियर और न्यायिक उपलब्धियों के बारे में जानें। CJI सूर्यकांत ने कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय दिए हैं और उनकी अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने कई संवैधानिक मुद्दों पर सुनवाई की है। जानें उनके जीवन की प्रेरणादायक कहानी और उनके योगदान को।
 

CJI सूर्यकांत का परिचय

CJI Surya Kant Biography, Education And Family

Justice Suryakant On Rahul Gandhi

CJI सूर्यकांत का जीवन परिचय: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत देश की न्यायपालिका के शीर्ष पदों में से एक पर कार्यरत हैं। वह भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश हैं, जिन्होंने 24 नवंबर 2025 को इस पद की शपथ ली। उनका करियर हरियाणा के हिसार से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जिला अदालत में वकालत की और बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और अंततः सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे।


सीजीआई सूर्यकांत का व्यक्तिगत जीवन

सीजीआई सूर्यकांत का परिचय:

न्यायमूर्ति सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने 1984 में कानून की पढ़ाई पूरी की और हिसार जिला न्यायालय में वकालत शुरू की। इसके बाद वह चंडीगढ़ चले गए और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे, जहां उन्होंने संवैधानिक, सेवा और सिविल मामलों में विशेषज्ञता प्राप्त की।


शिक्षा और करियर

सीजीआई सूर्यकांत की शिक्षा:

जस्टिस सूर्यकांत ने 1981 में Government Post Graduate College, Hisar से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने Maharishi Dayanand University, Rohtak से 1984 में LL.B. की डिग्री हासिल की और 2011 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कानून में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

सीजीआई सूर्यकांत का करियर:

कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद, जस्टिस सूर्यकांत ने 1984 में हिसार जिला अदालत में वकालत शुरू की। अगले वर्ष, वह चंडीगढ़ चले गए और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे। उनका कानूनी अनुभव बढ़ता गया और 2000 में उन्हें हरियाणा का Advocate General नियुक्त किया गया। उस समय, वह इस पद पर नियुक्त होने वाले सबसे युवा व्यक्तियों में से एक थे।


न्यायिक उपलब्धियाँ

9 जनवरी 2004 को, सूर्यकांत को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद, 5 अक्टूबर 2018 को, उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के Chief Justice के रूप में कार्यभार संभाला। कुछ महीनों बाद, 24 मई 2019 को, उन्हें Supreme Court of India का Judge नियुक्त किया गया। अंततः, 24 नवंबर 2025 को, उन्होंने भारत के 53वें Chief Justice of India के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनका कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक निर्धारित है।


परिवार और पृष्ठभूमि

सीजीआई सूर्यकांत का परिवार:

सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल में उनके जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि का उल्लेख है। वह हिसार में एक मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े। उनके पिता, मदन गोपाल शर्मा, संस्कृत शिक्षक थे। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन को न्यायपालिका के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की प्रेरणादायक यात्रा के रूप में देखा जाता है।


महत्वपूर्ण निर्णय

सीजीआई सूर्यकांत के महत्वपूर्ण फैसले:

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बेंच कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक मामलों की सुनवाई कर रही है। सितंबर 2026 में, उनकी अध्यक्षता वाली पीठ ने कानून के छात्रों पर Bar Council of India की अनुशासनात्मक अधिकारिता से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में निर्णय दिया। हाल ही में, CJI सूर्यकांत ने Supreme Court में आयोजित BRICS Chief Justices' Forum में भी संबोधन किया, जहां अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और संवैधानिक मूल्यों पर चर्चा की गई।


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