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टीवी एक्ट्रेस अद्रिजा रॉय ने मानसिक स्वास्थ्य पर की महत्वपूर्ण चर्चा

टीवी एक्ट्रेस अद्रिजा रॉय ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे से पहले मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक शांति को खतरा है और खुद को प्राथमिकता देना कितना आवश्यक है। अद्रिजा ने अपनी भावनाओं को स्वीकार करने और दूसरों की अपेक्षाओं से खुद को मुक्त रखने की बात की। जानें, उन्होंने और क्या कहा।
 

अद्रिजा रॉय का मानसिक स्वास्थ्य पर विचार

मुंबई, 7 अक्टूबर। 'अनुपमा' में राही का किरदार निभाने वाली अद्रिजा रॉय ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे से पहले मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय साझा की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक शांति को सबसे अधिक खतरा है। इसलिए, यह आवश्यक है कि हम अपनी भावनाओं को समझें, जरूरत पड़ने पर आराम करें और अपनी मानसिक शांति को प्राथमिकता दें।


अद्रिजा ने कहा, ''लोग अक्सर अपनी समस्याओं को छिपाते हैं और सामान्य दिखने की कोशिश करते हैं। उन्हें लगता है कि अगर वे अपनी मुश्किलों को स्वीकार कर लें, तो लोग उन्हें गलत समझेंगे। लेकिन, अपनी भावनाओं को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। कई बार, बेहतर महसूस करने की शुरुआत यहीं से होती है।''


काम और सार्वजनिक जीवन में मिलने वाले कमेंट्स पर बात करते हुए अद्रिजा ने कहा, ''हर बात को दिल पर लेना सही नहीं है। हर किसी की आपके बारे में अपनी राय हो सकती है, लेकिन खुद को आपसे बेहतर कोई नहीं जानता। मैं कोशिश करती हूं कि अपना ध्यान उन चीजों पर रखूं जो मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं और बाहरी लोगों की राय को अपनी मानसिक शांति पर हावी न होने दूं।''


उन्होंने आगे कहा, ''जब कोई व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से थक जाता है, तो उसे खुद को समय देना जरूरी है। कुछ समय के लिए ब्रेक लेना आलस्य नहीं है। कभी-कभी, खुद को धीमा करना आवश्यक होता है ताकि आप फिर से पूरी ताकत के साथ लौट सकें। मेरा मानना है कि लगातार काम करते रहना ही मजबूती नहीं है। शरीर और दिमाग दोनों को आराम की आवश्यकता होती है।''


अद्रिजा ने कहा, ''दूसरों की उम्मीदों का बोझ इस कीमत पर मत उठाओ कि वह आपकी मानसिक शांति को प्रभावित कर दे। मैंने धीरे-धीरे अपनी सीमाएं तय करना और जरूरत पड़ने पर 'नहीं' कहना सीखा है। शुरुआत में यह आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ मैंने समझा कि अपनी शांति को बचाना स्वार्थी नहीं है।''


उन्होंने आगे कहा, ''जिंदगी का हर दौर गुजर जाता है। हो सकता है कि किसी परेशानी के दौरान हमारे पास सभी सवालों के जवाब तुरंत न हों, लेकिन ऐसे समय में खुद पर भरोसा रखना और खुद को समय देना जरूरी है। हर मुश्किल हमेशा के लिए नहीं रहती और वक्त के साथ चीजें बदलती हैं।''


सोशल मीडिया के प्रभाव पर अद्रिजा ने कहा, ''सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अपनी जिंदगी का केवल वही हिस्सा दिखाते हैं, जिसे वे दूसरों के सामने रखना चाहते हैं। इसलिए, किसी और की खूबसूरत तस्वीरों या परफेक्ट जिंदगी से अपनी तुलना करना सही नहीं है। असली जिंदगी, अपने करीबियों और खुद से जुड़े रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है।''


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