क्या RO और उबला हुआ पानी है सुरक्षित? जानें सही विकल्प क्या है!
RO बनाम उबला हुआ पानी: क्या है सही विकल्प?
RO vs Boiled Water Safe to Drink Information in Hindi
RO vs Boiled Water Safe to Drink Information in HindiRO बनाम उबला हुआ पानी: हम रोजाना पानी का सेवन करते हैं, खाना बनाते हैं और बच्चों को देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नल का पानी वास्तव में कितना सुरक्षित है? पानी भले ही साफ दिखता हो, उसमें कोई गंध न हो और उसका स्वाद सामान्य लगे, लेकिन उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव या रासायनिक तत्व हो सकते हैं जिन्हें हम देख नहीं सकते। दूसरी ओर, पानी जिसमें कुछ प्राकृतिक खनिज होते हैं, उसे केवल इसलिए असुरक्षित नहीं माना जा सकता कि उसमें घुले पदार्थों की मात्रा अधिक है। इसलिए, पानी की सुरक्षा का मूल्यांकन केवल उसके रंग, स्वाद, गंध या टीडीएस मीटर की रीडिंग से नहीं किया जा सकता।
आजकल भारतीय घरों में पानी को साफ करने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जाते हैं। कुछ लोग पानी उबालते हैं, कुछ साधारण फिल्टर का उपयोग करते हैं, जबकि कई घरों में आरओ मशीनें होती हैं। बाजार में ऐसी मशीनें भी उपलब्ध हैं जो आरओ, यूवी, यूएफ और अन्य तकनीकों को मिलाकर काम करती हैं। इनके विज्ञापनों में कभी शुद्धता, कभी खनिजों की बात की जाती है। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह जानना जरूरी है कि क्या हर घर में आरओ की जरूरत है? क्या उबालने से पानी पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है? क्या साधारण फिल्टर रासायनिक प्रदूषण को दूर कर सकते हैं? और यदि किसी घर में पानी पहले से सुरक्षित है, तो उसे अतिरिक्त रूप से साफ करने का क्या लाभ है?
इन सवालों का उत्तर देने के लिए यह समझना आवश्यक है कि पीने के पानी में कितने प्रकार के खतरे हो सकते हैं। क्योंकि हर प्रकार की अशुद्धि को दूर करने के लिए एक ही तकनीक पर्याप्त नहीं होती।
साफ दिखने वाला पानी भी असुरक्षित क्यों हो सकता है?
पीने के पानी में संभावित समस्याओं को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है। पहला जैविक प्रदूषण है, जिसमें बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी शामिल होते हैं। दूसरा रासायनिक प्रदूषण है, जिसमें आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट, सीसा और अन्य तत्व शामिल हैं। तीसरा भौतिक प्रदूषण है, जिसमें मिट्टी, रेत, जंग और अन्य कण शामिल होते हैं।
जैविक प्रदूषण अक्सर मलजनित संदूषण से जुड़ा होता है। यदि पानी की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन में रिसाव है और आसपास दूषित पानी है, तो रोगजनक सूक्ष्मजीव पाइपलाइन में प्रवेश कर सकते हैं। इसी तरह, यदि घर की पानी की टंकी लंबे समय तक साफ नहीं की जाती है या पानी निकालने वाले बर्तन दूषित होते हैं, तो सुरक्षित स्रोत से आया पानी भी असुरक्षित हो सकता है।
दूषित पानी से हैजा, टाइफाइड और अन्य दस्त संबंधी संक्रमण फैल सकते हैं। हालांकि, हर पेट की बीमारी का कारण पीने का पानी नहीं होता। संक्रमण भोजन, हाथों और अन्य माध्यमों से भी फैल सकता है।
पानी उबालने की प्रभावशीलता
पानी को उबालना घरेलू स्तर पर रोगजनक सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने का एक विश्वसनीय तरीका है। पर्याप्त तापमान पर गर्म करने से कई बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी निष्क्रिय हो जाते हैं। इसलिए, जब किसी क्षेत्र में जलापूर्ति के दूषित होने की आशंका होती है, तो स्वास्थ्य अधिकारी पानी उबालकर पीने की सलाह देते हैं।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के अनुसार, साफ पानी को उबालने के बाद एक मिनट तक उबालना चाहिए। समुद्र तल से 2,000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर तीन मिनट की सलाह दी जाती है। पानी ठंडा होने के बाद उसे साफ, ढके हुए बर्तन में रखना चाहिए। यदि पानी मटमैला है, तो पहले उसे बैठने देना या साफ कपड़े से बड़े कण हटाना उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, पानी उबालने की सबसे बड़ी सीमा यह है कि यह आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट, सीसा और अधिकांश घुले हुए रासायनिक प्रदूषकों को नहीं हटाता। उबालने के दौरान पानी का कुछ हिस्सा भाप बनकर उड़ जाता है, जबकि कई घुले हुए पदार्थ बर्तन में ही रहते हैं। इसलिए, कुछ परिस्थितियों में शेष पानी में उनकी सांद्रता बढ़ भी सकती है।
सामान्य वाटर फिल्टर की कार्यप्रणाली
सामान्य वाटर फिल्टर एक व्यापक शब्द है, जिसमें कई तकनीकें शामिल हैं। कुछ फिल्टर केवल पानी में मौजूद बड़े कणों को रोकते हैं, जबकि अन्य विशेष रसायनों, गंध या सूक्ष्मजीवों को कम करने के लिए बनाए जाते हैं।
साधारण फिल्टर में कपड़ा, रेत, सिरेमिक या अन्य छिद्रयुक्त सामग्री हो सकती है। ये कुछ ठोस कणों को हटा सकते हैं, लेकिन सभी साधारण फिल्टर बैक्टीरिया, वायरस या घुले हुए रसायनों को प्रभावी रूप से नहीं हटाते। उनकी क्षमता उनके छिद्रों के आकार, सामग्री और रखरखाव पर निर्भर करती है।
आरओ तकनीक की कार्यप्रणाली
आरओ का पूरा नाम रिवर्स ऑस्मोसिस है। इसका मूल सिद्धांत एक विशेष अर्धपारगम्य झिल्ली और दबाव पर आधारित है। सामान्य परासरण में पानी कम घुले पदार्थों वाले हिस्से से अधिक घुले पदार्थों वाले हिस्से की ओर जाता है। आरओ में दबाव की सहायता से इस प्रवाह की दिशा को उलट दिया जाता है।
आरओ मशीन पानी को एक विशेष झिल्ली से गुजारती है, जो कई घुले हुए लवणों और अन्य प्रदूषकों को रोक सकती है। परिणामस्वरूप, एक ओर अपेक्षाकृत कम घुले पदार्थों वाला शुद्ध पानी मिलता है और दूसरी ओर अधिक सांद्रता वाला पानी निकलता है, जिसे रिजेक्ट वाटर कहा जाता है।
क्या हर घर में आरओ लगाना जरूरी है?
नहीं, हर घर में आरओ की आवश्यकता नहीं होती। आरओ की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करती है कि घर में आने वाले पानी में कौन-सी समस्या है। यदि नगर जलापूर्ति का पानी नियमित परीक्षण में सुरक्षित पाया गया है, तो केवल अधिक शुद्ध पानी पाने की इच्छा से आरओ लगाना अनिवार्य नहीं है।
टीडीएस और पानी की गुणवत्ता
टीडीएस का अर्थ है पानी में कुल घुले हुए ठोस पदार्थ। इनमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम और अन्य घुले हुए पदार्थ शामिल हो सकते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो के पेयजल मानक में टीडीएस की स्वीकार्य सीमा 500 मिलीग्राम प्रति लीटर है।
आरओ पानी और खनिज
आरओ झिल्ली केवल हानिकारक पदार्थों और उपयोगी खनिजों के बीच चयन नहीं करती। वह कई प्रकार के घुले हुए आयनों को कम करती है, जिसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज भी शामिल हो सकते हैं।
क्या आरओ मशीन पानी बर्बाद करती है?
आरओ तकनीक की एक महत्वपूर्ण सीमा यह है कि वह शुद्ध पानी के साथ एक अधिक सांद्रता वाली अपशिष्ट जलधारा भी उत्पन्न करती है। घरेलू आरओ प्रणालियों में शुद्ध पानी और रिजेक्ट पानी का अनुपात मशीन के डिजाइन, पानी के दबाव और रखरखाव पर निर्भर करता है।
पानी की जाँच कैसे कराएँ?
पानी की गुणवत्ता जानने के लिए सबसे पहले उसके स्रोत की पहचान करनी चाहिए। यदि घर में नगर जलापूर्ति आती है, तो संबंधित जलापूर्ति संस्था से पानी की गुणवत्ता संबंधी जानकारी माँगी जा सकती है।
घर की पानी की टंकी और पाइपलाइन
कई बार समस्या पानी के मूल स्रोत में नहीं, बल्कि घर तक पहुँचने और उसके भंडारण की व्यवस्था में होती है। यदि नगर जलापूर्ति का पानी सुरक्षित है, लेकिन घर की टंकी दूषित है, तो अंतिम नल तक पहुँचने वाले पानी की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पानी
इन समूहों के लिए पानी सूक्ष्मजीवी और रासायनिक दोनों दृष्टियों से सुरक्षित होना चाहिए। विशेष रूप से शिशुओं के लिए अधिक नाइट्रेट वाला पानी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
आरओ, उबालना या फिल्टर: किसे चुनें?
यदि पानी में मुख्य समस्या रोगजनक सूक्ष्मजीवों की है और रासायनिक गुणवत्ता सुरक्षित है, तो उचित उबालना प्रभावी घरेलू उपाय हो सकता है।
सुरक्षित पानी का मतलब सही गुणवत्ता है
घर में आने वाले पानी की सुरक्षा का निर्णय उसकी पारदर्शिता, स्वाद, गंध या किसी मशीन के विज्ञापन से नहीं किया जा सकता। पानी में रोगजनक सूक्ष्मजीव, घुले हुए रसायन और भौतिक अशुद्धियाँ अलग-अलग प्रकार की समस्याएँ पैदा करते हैं।
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