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क्या भारतीय सिनेमा ने रूस में अपनी जगह बनाई? जानें पुतिन की पसंद और बॉलीवुड का जादू!

भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान और रूस में इसकी लोकप्रियता पर एक नजर। जानें कैसे व्लादिमीर पुतिन ने बॉलीवुड फिल्मों की प्रशंसा की और भारतीय सिनेमा ने रूस में अपनी जगह बनाई। इस लेख में हम देखेंगे कि कैसे भारतीय फिल्में मानवता और पारिवारिक मूल्यों को दर्शाती हैं और कैसे रूस में इनकी स्वीकार्यता बढ़ी है।
 
क्या भारतीय सिनेमा ने रूस में अपनी जगह बनाई? जानें पुतिन की पसंद और बॉलीवुड का जादू!

भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान


भारतीय सिनेमा की कहानियों की दुनिया भर में सराहना होती है। इसके गाने, संगीत, रिश्ते, भावनाएं, परिधान, परंपराएं और मूल्य सभी की प्रशंसा की जाती है। विशेष रूप से हिंदी फिल्में, जो पहले सोवियत संघ में भी उतनी ही लोकप्रिय थीं, आज भी विश्व के कई देशों में पसंद की जाती हैं। इस लोकप्रियता का एक बड़ा कारण है अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, शाहरुख़ खान और अल्लू अर्जुन जैसे सितारों का क्रेज़। राज कपूर, देव आनंद और दिलीप कुमार जैसे महान कलाकारों ने जो सांस्कृतिक पुल बनाए थे, उन्हें आज की पीढ़ी अपने तरीके से मजबूत कर रही है। यही कारण है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बॉलीवुड फिल्मों के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की है।


सिनेमा में बदलाव और वैश्विक राजनीति

हाल के वर्षों में, विश्व सिनेमा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। विशेष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-चीन के बीच तनाव के बाद, फिल्मों के विषय और प्रस्तुति में बदलाव देखा गया है। आजकल, युद्ध और राष्ट्रवाद जैसे विषय फिल्म उद्योग में प्रमुख बन गए हैं। रूस ने इस साल "अगस्त" और "पुतिन" जैसी फिल्मों के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि वह यूक्रेन को नकारात्मक रूप में पेश कर रहा है। वहीं, हॉलीवुड फिल्में यूक्रेन के प्रति सहानुभूति दिखाती हैं।


भारतीय सिनेमा और वैश्विक कूटनीति

भारतीय सिनेमा का वैश्विक कूटनीति से दूर रहना कोई नई बात नहीं है। भारतीय फिल्में मानवता, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिकता को दर्शाती हैं, जो दुनिया में एक विशेष स्थान रखती हैं। इसलिए, अमेरिका और रूस दोनों ही भारतीय सिनेमा को पसंद करते हैं। हालांकि, रूस में भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता हमेशा अधिक रही है। इसका मुख्य कारण दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक समानताएं हैं।


पुतिन का भारतीय सिनेमा के प्रति प्यार

हाल ही में, अक्टूबर 2024 में आयोजित 16वीं BRICS समिट में, पुतिन ने भारतीय सिनेमा की प्रशंसा की। उन्होंने राज कपूर की "आवारा", मिथुन चक्रवर्ती की "डिस्को डांसर" और शाहरुख़ खान की "जवान" जैसी फिल्मों का उल्लेख किया। पुतिन ने कहा कि भारत और अन्य BRICS देशों को रूस में अपनी कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का अवसर मिलना चाहिए।


मोदी का रूस में राज कपूर का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मॉस्को में राज कपूर की फिल्मों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस में हर घर में एक गाना गाया जाता था, "सिर पे लाल टोपी रूसी फिर भी दिल है हिंदुस्तानी।" यह गाना भले ही पुराना हो, लेकिन इसकी भावनाएं आज भी ताजा हैं।


रूसी सिनेमा और हॉलीवुड का मुकाबला

वर्तमान में, रूसी सिनेमा में राष्ट्रवाद की भावना प्रमुख है। हालांकि, यह हॉलीवुड, चीन, जापान और ईरान के साथ व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से पुतिन की राष्ट्रवादी नीतियों को आगे बढ़ाता है। हॉलीवुड रूस और यूक्रेन के प्रति अमेरिकी नीति के अनुसार फिल्में बनाता है, जबकि रूस एक अलग दृष्टिकोण के साथ प्रतिक्रिया करता है।


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