क्या है संचिता उगले की मौत का सच? आंचल खुराना ने उठाए गंभीर सवाल
संचिता उगले की मौत पर उठे सवाल
मुंबई, 15 जून। टीवी अभिनेत्री संचिता उगले की आकस्मिक मृत्यु ने कई कलाकारों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को चिंतित कर दिया है। इस मामले में ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने महाराष्ट्र सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अभिनेत्री आंचल खुराना ने भी इस मुद्दे पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री में काम के दबाव और मानसिक तनाव के बारे में गंभीर बातें की हैं।
एआईसीडब्ल्यूए के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर संचिता की मौत की गहन जांच की अपील की है।
संस्थान ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "संचिता उगले की असामयिक मृत्यु ने उनके परिवार को बुरी तरह प्रभावित किया है और पूरी इंडस्ट्री शोक में है। हर जीवन की अहमियत है और इस मामले में सच्चाई का सामने आना आवश्यक है। जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि परिवार को न्याय मिल सके।"
इसके अलावा, एआईसीडब्ल्यूए ने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने कहा, "मनोरंजन उद्योग में आत्महत्या और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए। यह समिति यह जांचे कि कलाकारों को किस प्रकार का मानसिक दबाव सहना पड़ता है और क्या उनके लिए पर्याप्त सहायता उपलब्ध है।"
एआईसीडब्ल्यूए ने आगे कहा, "पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मौतों और आत्महत्याओं के कारणों पर सवाल उठते रहे हैं। परिवार, सहकर्मी और आम लोग अक्सर जवाब मांगते हैं, लेकिन मामलों में स्पष्टता नहीं मिल पाती। हमारी अपील है कि इस केस में हर सबूत और परिस्थिति को गंभीरता से जांचा जाए।"
इस बीच, आंचल खुराना ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह इंडस्ट्री बाहरी रूप से जितनी आकर्षक लगती है, अंदर से उतनी ही कठिन और दबाव भरी हो सकती है।
आंचल ने वीडियो में कहा, "कलाकारों को लगातार रिजेक्शन, तुलना और प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। कई बार छोटे कारणों से कलाकारों को रिप्लेस कर दिया जाता है, जिससे उनका आत्मविश्वास टूट जाता है। चैनल और प्रोड्यूसर अक्सर केवल टीआरपी और बजट पर ध्यान देते हैं, जबकि कलाकारों की मानसिक स्थिति पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है।"
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "ऑडिशन और लगातार रिजेक्शन कलाकारों को अंदर से कमजोर कर देते हैं। हर दिन खुद को साबित करना पड़ता है और कई बार यह दबाव इतना बढ़ जाता है कि मानसिक तनाव बढ़ने लगता है। कई कलाकार इस तनाव को अकेले झेलते हैं और किसी से खुलकर बात नहीं कर पाते।"
उन्होंने वीडियो में अपील करते हुए कहा, "अगर कोई व्यक्ति मानसिक तनाव में है, तो उसे अपने परिवार और करीबियों के साथ रहना चाहिए और अकेलेपन से बचना चाहिए। लोग अक्सर मजबूत बने रहने की सलाह देते हैं, लेकिन कोई यह नहीं बताता कि कितनी बार मजबूत रहना पड़ता है और कब तक।"
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