शाहरुख खान और मोहनलाल को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार, जानें समारोह की खास बातें!
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की झलक
नई दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक समारोह में शाहरुख खान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी को अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर मलयालम अभिनेता मोहनलाल को दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा को उनकी फिल्म 'ट्वेल्थ फेल' के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला। करण जौहर और अपूर्व मेहरा को 'रॉकी और रानी की कहानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय मनोरंजन फिल्म का पुरस्कार दिया गया।
विज्ञान भवन में आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 'द केरला स्टोरी' के लिए सुदीप्तो सेन को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला।
2023 के राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा अगस्त में की गई थी।
शाहरुख खान को 'जवान' में उनकी भूमिका के लिए यह पुरस्कार मिला, जिसे उन्होंने 'ट्वेल्थ फेल' के विक्रांत के साथ साझा किया। रानी मुखर्जी को 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' के लिए यह पुरस्कार मिला। यह तीनों के लिए पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है।
जब रानी और शाहरुख पुरस्कार ग्रहण करने के लिए आगे बढ़े, तो तालियों की गड़गड़ाहट से समारोह गूंज उठा।
पांच दशकों के शानदार करियर और 360 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके मोहनलाल को उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सम्मानित किया।
राष्ट्रपति ने पुरस्कार समारोह के बाद अपने संबोधन में कहा, 'जब मोहनलाल के नाम की घोषणा हुई, तो लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। यह दर्शाता है कि उन्होंने अनगिनत लोगों के दिलों में जगह बनाई है।'
मुर्मू ने कहा, 'मोहनलाल ने कोमल और कठोर भावनाओं को सहजता से प्रस्तुत किया है। मुझे यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि उन्होंने महाभारत के कर्ण पर आधारित एक लंबे संस्कृत नाटक में कर्ण की भूमिका निभाई है।'
राष्ट्रपति ने सभी विजेताओं को बधाई दी और भारतीय सिनेमा की विविधता, संवेदनशीलता और महिला-केंद्रित फिल्मों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, 'अब हम सिनेमा में कई जगहों पर महिलाओं को अभिनेताओं और निर्माताओं के रूप में देखते हैं।'
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल की चर्चा की।
उन्होंने कहा, 'फिल्म उद्योग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भारत में ही बनने चाहिए।'
प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता मोहनलाल ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए 'करिश्माई और पवित्र' है।
उन्होंने कहा, 'यह क्षण अकेले मेरा नहीं है, यह पूरे मलयालम सिनेमा का है।'
मुख्य श्रेणियों में हिंदी सिनेमा ने पुरस्कारों में अपना जलवा कायम रखा।
मेघना गुलजार और रॉनी स्क्रूवाला को 'सैम बहादुर' के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला।
वैभवी मर्चेंट को 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' के गाने 'ढिंढोरा बाजे' के लिए सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का पुरस्कार मिला।
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मलयालम फिल्म 'पूकलम' के विजयराघवन को मिला।
भाषाई श्रेणियों में कई फिल्मों को पुरस्कृत किया गया।
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