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क्या आजकल के गायक एक जैसे हो गए हैं? समीर ने उठाया बड़ा सवाल

गीतकार समीर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में चर्चा की कि आजकल के प्लेबैक सिंगर्स की आवाजें एक जैसी क्यों लगती हैं। उन्होंने बताया कि पहले के संगीतकारों में एक खास पहचान होती थी, जो अब लगभग खत्म हो चुकी है। समीर ने यह भी कहा कि आजकल गाने बनाने के पीछे का जुनून और विश्वास खो गया है। जानें उनके विचारों के बारे में और कैसे यह संगीत की दुनिया को प्रभावित कर रहा है।
 

समीर का संगीत पर विचार

मुंबई, 8 नवंबर। प्रसिद्ध गीतकार समीर ने हाल ही में एक दिलचस्प टिप्पणी की है कि वर्तमान समय के प्लेबैक सिंगर्स की आवाजें एक-दूसरे से काफी मिलती-जुलती हैं।


उनका यह बयान उनके पॉडकास्ट 'समीर का सफरनामा' के एक पुराने क्लिप में सुनाई दिया, जिसमें वे प्लेबैक सिंगर जावेद अली के साथ इस विषय पर चर्चा कर रहे थे।


समीर ने कहा, "हिंदी फिल्म संगीत के दिग्गजों की आवाज में एक खास पहचान होती थी। उस समय के संगीतकारों, गीतकारों और गायकों में एक अनोखी बात थी, जो अब लगभग समाप्त हो चुकी है। आजकल ऐसा लगता है जैसे हर कोई अरिजीत सिंह की नकल कर रहा है। जब आप जैसे गायक गाते हैं, तो एक ताजगी का अनुभव होता है, लेकिन अब हर कोई एक जैसा ही लगता है। गानों की आवाज भी एक समान सुनाई देती है।"


उन्होंने आगे कहा, "एक जैसी आवाज और एक जैसा साउंड। गाने या फिल्म बनाने के पीछे जो जुनून और विश्वास होता था, वह कहीं खो गया है। आजकल हर कोई बस एक 'प्रपोजल' तैयार कर रहा है, असली फिल्म नहीं बना रहा। जबकि फिल्म बनाना एक सामूहिक कला है, फिर भी यह एक व्यक्तिगत अनुभव होता है।"


समीर ने यह भी बताया, "पहले हम सब मिलकर बैठते थे, 'जैम' करते थे और आपस में बातचीत करते थे। आजकल तो बस किसी को बुलाकर कहा जाता है, 'जावेद, आओ और एक गाना गा दो।' आप आएंगे, गाना गाएंगे और चले जाएंगे? लेकिन मैंने लता जी और किशोर दा को रिकॉर्डिंग के दौरान देखा है। वे गाने पर काम करते हुए बहुत मजे करते थे, 'जैम' करते थे और गाने के बारे में चर्चा करते थे।"


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