सेलिना जेटली ने कानूनी नोटिस पर दी प्रतिक्रिया, बच्चों की कस्टडी के लिए लड़ेगी
सेलिना जेटली का साहसिक बयान
मुंबई, 5 जून। अभिनेत्री सेलिना जेटली एक बार फिर अपने व्यक्तिगत जीवन को लेकर चर्चा में हैं। पति पीटर हाग से तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उन्होंने अपने पति और ससुर द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिसों पर खुलकर अपनी बात रखी है। सेलिना ने इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत बयान साझा करते हुए कहा कि वह किसी भी कानूनी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाली नहीं हैं। वह अपने बच्चों, अपने अधिकारों और न्याय के लिए इस लड़ाई को जारी रखेंगी।
शुक्रवार को सेलिना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने उन कानूनी नोटिसों का जवाब दिया जो हाल ही में उनके पति और ससुर द्वारा भेजे गए थे। इन नोटिसों में उन पर मानहानि का आरोप लगाया गया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि, सेलिना ने बताया कि उन्होंने अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से इन नोटिसों का उत्तर दे दिया है।
अभिनेत्री ने कहा, ''कई वर्षों तक हमारे परिवार से जुड़ी पब्लिसिटी को बढ़ावा दिया गया, जिसमें मैगजीन कवर, इंटरव्यू और परिवार से संबंधित कई लेख शामिल हैं। लेकिन जब मैंने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं और कानूनी संघर्षों के बारे में बात करनी शुरू की, तो मुझे कानूनी नोटिस भेजे गए। ये बच्चे मेरे हैं, मैं उनकी मां हूं और मैं उनके लिए यह लड़ाई जारी रखूंगी।''
सेलिना ने आगे कहा, ''मैं हमेशा से ज्वाइंट कस्टडी और आपसी सहमति से तलाक के पक्ष में रही हूं। मैंने कई बार शांतिपूर्ण समाधान की कोशिश की, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद मैं अपने बच्चों से बात नहीं कर पा रही हूं। मुझे लगातार अपने बच्चों से दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।''
अपने बयान में, सेलिना ने बच्चों के प्रति अपनी चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा, ''मुझे डर है कि बच्चों को उनकी जानकारी और सहमति के बिना ऑस्ट्रिया और भारत की अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाया जा सकता है। एक मां होने के नाते, यह मेरा अधिकार और जिम्मेदारी है कि मैं ऐसी चिंताओं को सार्वजनिक रूप से उठाऊं और अपने बच्चों के हितों की रक्षा करूं।''
इससे पहले, पीटर हाग और उनके पिता द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिसों में कहा गया था कि इस मामले में सार्वजनिक आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसका असर बच्चों पर पड़ सकता है। हालांकि, सेलिना का कहना है कि ऐसा करके उन्हें बदनाम करने, डराने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
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