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सलिल अंकोला: क्रिकेट से लेकर अभिनय तक, जानें उनकी संघर्ष भरी कहानी

सलिल अंकोला, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर, जिन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ डेब्यू किया, ने बाद में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। हालांकि, शराब की लत ने उनके जीवन को प्रभावित किया। जानें कैसे उन्होंने इस लत पर विजय पाई और आज एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। उनकी कहानी प्रेरणादायक है और दर्शाती है कि संघर्ष के बाद भी सफलता संभव है।
 
सलिल अंकोला: क्रिकेट से लेकर अभिनय तक, जानें उनकी संघर्ष भरी कहानी

सलिल अंकोला का क्रिकेट करियर


मुंबई, 28 फरवरी। भारतीय क्रिकेट के तेज गेंदबाज सलिल अंकोला का नाम एक समय देशभर में प्रसिद्ध था। उन्होंने 1989 में सचिन तेंदुलकर के साथ पाकिस्तान दौरे पर कराची टेस्ट में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। सलिल ने एक टेस्ट और 20 एकदिवसीय मैच खेले। वह 1996 के विश्व कप टीम का हिस्सा भी थे, लेकिन चोटों के कारण उन्हें अपने करियर में रुकावट का सामना करना पड़ा और 28 वर्ष की आयु में उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया।


अभिनय में कदम

क्रिकेट छोड़ने के बाद सलिल ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। हालांकि, जीवन में एक झटके ने उनकी दिशा बदल दी। उन्होंने कई टीवी शोज और फिल्मों में काम किया, जैसे 'सीआईडी', 'कहता है दिल', 'कोरा कागज' और 'शशश... कोई है'। साल 2000 में आई फिल्म 'कुरुक्षेत्र' में उन्होंने पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया। इसके अलावा, 'पिताह', 'चुरा लिया है तुमने' और 'साइलेंस प्लीज... द ड्रेसिंग रूम' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अभिनय किया। 2006 में, सलिल ने सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में भी भाग लिया।


संघर्ष और पुनर्वास

हालांकि, पर्दे पर वह आत्मविश्वासी और आकर्षक दिखते थे, असल जिंदगी में उनका संघर्ष गहरा था। क्रिकेट से दूर होने के बाद सलिल के मन में खालीपन बढ़ता गया। 1997 में क्रिकेट छोड़ने के बाद, 1999 से 2011 तक उनका जीवन शराब की लत में डूब गया।


एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि शुरुआत में शराब पीना सामान्य लगता था, लेकिन यह धीरे-धीरे गंभीर समस्या बन गई। हालात इतने बिगड़ गए कि वह दिनभर शराब पीते रहते थे। क्रिकेट मैच देखना भी उन्होंने बंद कर दिया क्योंकि यह उन्हें पुराने दर्द की याद दिलाता था। परिवार और दोस्तों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई बदलाव नहीं आया। सलिल कई बार रिहैब सेंटर गए, लेकिन लत नहीं छूटी।


जीवन में सकारात्मक बदलाव

2011 में रिहैब के दौरान उन्होंने विश्व कप देखा, और यहीं से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई। उन्होंने समझा कि शराब कोई शौक नहीं, बल्कि एक बीमारी है। अगर समय पर इलाज और परिवार का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वह आज जीवित नहीं होते। 2014 तक उनकी स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि वह 12 बार आईसीयू में भर्ती हुए और तीन बार मृत घोषित कर दिए गए। परिवार के समर्थन और दृढ़ इच्छाशक्ति से सलिल ने इस लत पर विजय प्राप्त की।


वर्तमान जीवन

आज सलिल अंकोला एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। वर्तमान में, वह मुंबई क्रिकेट संघ से जुड़े हुए हैं। वह मुंबई क्रिकेट संघ के मुख्य चयनकर्ता रह चुके हैं और जनवरी 2023 से अगस्त 2024 तक भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।


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