संजय गुप्ता के निधन के बाद उनकी पत्नी ने बच्चों की सुरक्षा के लिए की भावुक अपील
संजय गुप्ता के अंतिम संस्कार पर बच्चों को मिली आलोचना
मुंबई, 2 नवंबर। फिल्म निर्माता संजय गुप्ता के निधन के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस बीच, उनके अंतिम संस्कार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिसके कारण उनके बच्चों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। संजय की पत्नी, अनुराधा लेखी गुप्ता ने मीडिया से एक भावुक अपील की है।
उन्होंने कहा कि उनके बच्चों की निजता का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें अपने पिता के खोने के दुख से उबरने के लिए थोड़ा समय और स्थान दिया जाना चाहिए।
दरअसल, संजय गुप्ता के अंतिम संस्कार के बाद उनके बच्चों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनकी बेटी कथित तौर पर श्मशान घाट के बाहर मौजूद पैपराजी की ओर मिडिल फिंगर दिखाती नजर आई थीं। वीडियो में उनका बेटा भी इसी तरह का इशारा करता दिखाई दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बच्चों के व्यवहार की आलोचना की। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि पिता के अंतिम संस्कार के बाद दोनों बच्चे मुस्कुराते और हंसते हुए क्यों दिखाई दिए।
इस विवाद के बीच, फिल्म निर्माता मिलाप जावेरी ने अनुराधा का बयान अपने सोशल मीडिया पर साझा किया। अनुराधा ने अपने नोट में उन सभी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन समय में परिवार का साथ दिया। उन्होंने लिखा, 'दिल से धन्यवाद, जिन्होंने हमें इस मुश्किल वक्त में संवेदनाएं और हिम्मत दी। हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हमेशा के लिए चला गया है और इस कमी को कोई भी चीज पूरी नहीं कर सकती।'
अनुराधा ने संजय के निधन के बारे में बताते हुए कहा, 'गलती से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जो उनकी असमय मौत का कारण बनीं। संजय अपने परिवार और बच्चों से बेहद प्यार करते थे। हमारे बच्चे अभी किशोरावस्था में हैं और उन्होंने अचानक अपने पिता को खो दिया है। ऐसे में वे इस गहरे दुख को समझने और उससे उबरने की कोशिश कर रहे हैं।'
मीडिया से अपील करते हुए अनुराधा ने आगे कहा, 'बच्चे हमेशा से कैमरों की चकाचौंध और पैपराजी की दखलअंदाजी से दूर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में अचानक उनकी निजता में दखल दिए जाने से वे काफी परेशान हो गए थे। दुख और तकलीफ की इस घड़ी में बच्चों की कुछ प्रतिक्रियाएं मीडिया के कुछ लोगों की ओर हो सकती हैं। इसके लिए मुझे खेद है। इन प्रतिक्रियाओं को एक ऐसे बच्चे के नजरिए से समझने की जरूरत है, जिसने अभी-अभी अपने पिता को खोया है और इस नुकसान को स्वीकार करने की कोशिश कर रहा है।'
अनुराधा ने मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से बच्चों के प्रति नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा, 'बच्चों को माफ किया जाए और ऐसी सामग्री को हटाया जाए, जो उनके मन पर लंबे समय तक असर डाल सकती है। मेरा लोगों से अनुरोध है कि बच्चों को अपने पिता के निधन का दुख मनाने के लिए निजता, संवेदनशीलता और जरूरी समय दिया जाए।'
मिलाप जावेरी ने अनुराधा का बयान साझा करते हुए लिखा, 'यह मीडिया में काम करने वाले सभी दोस्तों से एक अपील है।'
गौरतलब है कि फिल्म निर्माता संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को 57 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, मुंबई के वर्सोवा स्थित उनके घर में रात के समय उनका संतुलन बिगड़ गया था और वह रसोई में गिरकर दीवार से टकरा गए थे। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। उस समय परिवार के सदस्य सो रहे थे। अगली सुबह उन्हें इस घटना का पता चला और संजय को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वर्सोवा पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी.
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