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शरमन जोशी: कॉमेडी से गंभीरता की ओर, जानें उनकी अदाकारी की कहानी

शरमन जोशी, जो अपने कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं, ने अपने करियर में गंभीर किरदारों की ओर भी कदम बढ़ाया है। जानें कैसे उन्होंने अपने अभिनय में विविधता लाई और दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। उनके सफर की कहानी में शामिल हैं हिट फिल्में, पुरस्कार और व्यक्तिगत जीवन की झलक।
 
शरमन जोशी: कॉमेडी से गंभीरता की ओर, जानें उनकी अदाकारी की कहानी

शरमन जोशी का अभिनय सफर




मुंबई, 27 अप्रैल। बॉलीवुड में कई ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने अपने अभिनय कौशल से दर्शकों के दिलों में खास स्थान बनाया है, लेकिन अक्सर उन्हें एक ही तरह के किरदारों में सीमित कर दिया जाता है। शरमन जोशी भी ऐसे ही कलाकारों में से एक हैं। उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग के कारण उन्हें लगातार हास्य भूमिकाएं मिलती रहीं, लेकिन शरमन ने खुद को एक ही तरह के किरदारों में नहीं बांधना चाहा।


इसी कारण उन्होंने समय के साथ विभिन्न प्रकार के किरदारों का चयन करना शुरू किया और खुद को एक गंभीर अभिनेता के रूप में भी स्थापित किया। आज शरमन जोशी का नाम उन कलाकारों में शामिल है जिन्होंने मेहनत और प्रतिभा के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।


शरमन जोशी का जन्म 28 अप्रैल 1979 को नागपुर में हुआ। उनका परिवार थिएटर और अभिनय से जुड़ा हुआ था। उनके पिता, अरविंद जोशी, गुजराती थिएटर के प्रसिद्ध कलाकार थे। घर में कला का माहौल होने के कारण शरमन का झुकाव बचपन से ही अभिनय की ओर था। उन्होंने फिल्मों में कदम रखने से पहले लंबे समय तक थिएटर में काम किया और अभिनय की बारीकियों को सीखा, जो आगे चलकर उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ।


शरमन ने 1999 में फिल्म 'गॉडमदर' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन असली पहचान उन्हें 'स्टाइल' फिल्म से मिली, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुई। इसके बाद उन्होंने 'एक्सक्यूज मी' और 'शादी नंबर 1' जैसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी कॉमिक शैली को दर्शकों ने सराहा।


साल 2006 उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसी वर्ष उन्होंने 'रंग दे बसंती' और 'गोलमाल: फन अनलिमिटेड' जैसी हिट फिल्मों में काम किया। 'गोलमाल' में उनके निभाए गए किरदार ने दर्शकों को खूब हंसाया। इसके बाद उन्हें लगातार कॉमेडी भूमिकाएं मिलने लगीं, लेकिन धीरे-धीरे शरमन को यह एहसास हुआ कि लोग उन्हें केवल हास्य अभिनेता के रूप में देखने लगे हैं। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अलग-अलग प्रकार के किरदार चुनने का निर्णय लिया।


शरमन ने केवल कॉमेडी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। 'लाइफ इन ए... मेट्रो' में उन्होंने एक भावुक किरदार निभाया, जबकि 'फरारी की सवारी' में एक साधारण पिता का रोल किया, जो अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है। इस फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई। इसके अलावा, '3 इडिट्स' में 'राजू रस्तोगी' का किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इस फिल्म ने कई नए रिकॉर्ड बनाए और शरमन को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का आईफा पुरस्कार भी मिला।


फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने वेब सीरीज में भी कदम रखा और 'बारिश' जैसी सीरीज में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो शरमन जोशी ने प्रेम चोपड़ा की बेटी प्रेरणा चोपड़ा से विवाह किया है और उनके तीन बच्चे हैं।


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