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राजीव खंडेलवाल बने 'वंदे भारतम' के ब्रांड एंबेसडर, जानें इस प्रोग्राम का उद्देश्य

अभिनेता राजीव खंडेलवाल को अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। यह कार्यक्रम भारत के विभिन्न क्षेत्रों से इनोवेटर्स और उद्यमियों की पहचान और समर्थन करने के लिए बनाया गया है। खंडेलवाल ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म प्रतिभाशाली लोगों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर देता है। जानें इस कार्यक्रम के बारे में और कैसे यह भारत की प्रगति में योगदान करेगा।
 

राजीव खंडेलवाल का नया सफर


अहमदाबाद, 14 अगस्त। अभिनेता राजीव खंडेलवाल को अदाणी ग्रुप के 'वंदे भारतम' कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। वह इस कार्यक्रम के होस्ट भी होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों से इनोवेटर्स, उद्यमियों और समस्याओं के समाधानकर्ताओं की पहचान करना और उन्हें समर्थन प्रदान करना है।


खंडेलवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 'मेक इन इंडिया' उनके लिए एक अभियान था, लेकिन अब यह एक वास्तविकता बन चुका है। यह केवल एक वादा नहीं है, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' का निर्माण हो रहा है।


'वंदे भारतम' एक अनूठा प्लेटफॉर्म है, जो देश के हर कोने से प्रतिभाशाली उद्यमियों और इनोवेटर्स की पहचान करना चाहता है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर के टैलेंट को पहचान दिलाना, मेंटरशिप प्रदान करना और फंडिंग तक पहुंच बनाना है, ताकि उनके विचार विकसित हो सकें और भारत की प्रगति में योगदान दे सकें।


यह खंडेलवाल के करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि वह अब उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। 'वंदे भारतम' का दृष्टिकोण पारंपरिक मनोरंजन से अलग है।


खंडेलवाल ने बताया कि गौतम अदाणी का मानना है कि भारत में हर शहर में एक अदाणी होना चाहिए, और इसी सोच के साथ 'वंदे भारतम' की शुरुआत की गई।


इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया खुली थी, जिसमें प्रतिभागियों को अपने विचार प्रस्तुत करने थे। जब रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ, तो 15,000 रजिस्ट्रेशन की उम्मीद थी, लेकिन 26,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों को अहमदाबाद बुलाया गया।


उन्होंने बताया कि एक बूट कैंप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया, जहां उनके विचारों की क्षमता का आकलन किया गया। जो लोग चयनित नहीं हुए, वे भी 'वंदे भारतम' के डेटाबेस में शामिल हो गए।


खंडेलवाल ने कहा कि एक स्कोरिंग सिस्टम था, जिसमें सभी जजों ने भाग लिया, जिन्हें उन्होंने 'मेंटर' कहा।


उन्होंने स्पष्ट किया कि जज केवल प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाने के लिए वहां थे, न कि निवेशक के रूप में। अदाणी ग्रुप का उद्देश्य किसी भी प्रतिभागी के साथ साझेदारी नहीं करना था।


इसके अलावा, खंडेलवाल ने बताया कि 'वंदे भारतम' प्लेटफॉर्म लोगों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर देता है, जिससे वे सफल व्यक्तियों के सामने अपने विचार रख सकते हैं।


उन्होंने कहा कि यह उन्हें उन दरवाजों तक ले जाता है, जिनके बारे में उन्हें लगता था कि वे उनके लिए कभी नहीं खुलेंगे।


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