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राजपाल यादव ने नवरात्र पर महिलाओं की सुरक्षा का उठाया मुद्दा, क्या हम सिर्फ पूजा तक सीमित हैं?

अभिनेता राजपाल यादव ने नवरात्र के दौरान महिलाओं की सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। उन्होंने समाज से अपील की है कि केवल देवी की पूजा करने तक सीमित न रहें, बल्कि महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लें। यादव ने कन्या पूजन की परंपरा का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या हर बेटी वास्तव में सुरक्षित है? उनके विचारों में यह संदेश है कि हमें एक ऐसा समाज बनाना चाहिए जहां महिलाएं बिना डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
 

महिलाओं की सुरक्षा पर राजपाल यादव का संदेश

मुंबई, 11 अक्टूबर। अभिनेता राजपाल यादव ने नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि नवरात्र में केवल देवी की पूजा करने तक सीमित न रहें, बल्कि महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठाएं। यादव ने कहा कि हर बेटी को अपने सपनों को पूरा करने और अपनी शर्तों पर जीवन जीने का अधिकार होना चाहिए।


राजपाल यादव ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कन्या पूजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि जिस देश में छोटी बच्चियों को देवी का रूप मानकर पूजा जाता है, क्या वहां हर बेटी वास्तव में सुरक्षित है?


उन्होंने लिखा, ''नवरात्रि के नौ दिनों में हम देवी शक्ति की आराधना करते हैं। अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को देवी मानकर उनकी पूजा करते हैं। लेकिन जब महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं, तो यह सवाल उठता है कि क्या हर बेटी सच में सुरक्षित है?''


तीन बेटियों के पिता होने के नाते, यह सवाल राजपाल यादव को गहराई से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि हर पिता चाहता है कि उसकी बेटी बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करे और अपनी मर्जी से जीवन जिए।


उन्होंने आगे कहा, ''बेटियों का पिता होने के नाते, यह सवाल मेरे लिए और भी भावुक है। मां दुर्गा की पूजा तभी सार्थक होगी जब हम उनकी शक्ति को सिर्फ मंदिरों में नहीं, बल्कि हर महिला के प्रति सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करके भी पहचानेंगे।''


राजपाल ने समाज से अपील की कि हम ऐसा वातावरण बनाएं जहां महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए हर दिन संघर्ष न करना पड़े। उन्होंने लिखा, ''इस नवरात्रि, आइए हम केवल देवी की पूजा तक सीमित न रहें। हम यह संकल्प लें कि अपनी बेटियों को हिम्मत से जीना सिखाने के साथ-साथ उन्हें ऐसी दुनिया देने की कोशिश करेंगे, जहां उन्हें हर दिन अपनी सुरक्षा के लिए संघर्ष न करना पड़े।''


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