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महिलाओं की सुरक्षा पर प्रिया दत्त का जोरदार संदेश: क्या हम सबको एकजुट होना चाहिए?

कांग्रेस नेता प्रिया दत्त ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि एक सुरक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है जब हर व्यक्ति अन्याय के खिलाफ खड़ा हो। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में समाज के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। प्रिया ने कहा कि बदलाव तभी आएगा जब हम गलत के खिलाफ आवाज उठाएं। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी सराही जा रही है। जानें उनके विचार और समाज में बदलाव की आवश्यकता के बारे में।
 

महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर प्रिया दत्त की आवाज़


मुंबई, 14 जुलाई। कांग्रेस की नेता और पूर्व सांसद प्रिया दत्त ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है जब हर व्यक्ति अन्याय के खिलाफ खड़ा हो।


इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने पोस्ट में प्रिया ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा केवल एक व्यक्ति या कानून की जिम्मेदारी नहीं है। उनका मानना है कि जब तक समाज मिलकर गलत के खिलाफ आवाज नहीं उठाएगा, तब तक एक सुरक्षित वातावरण नहीं बन सकेगा।


उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "जब भी कोई लड़की असुरक्षित महसूस करती है, तो हम एक बेहतर दुनिया के सपने से दूर हो जाते हैं। यह सिर्फ एक घटना का मामला नहीं है, बल्कि हर उस महिला और बच्चे का है, जिन्हें स्वतंत्रता से जीने, बड़े सपने देखने और बिना डर के आगे बढ़ने का अधिकार है।"


प्रिया ने आगे कहा, "बदलाव तभी संभव है जब हम गलत चीजों को देखकर चुप रहना बंद करें। हमें अपनी आवाज उठानी होगी, एक-दूसरे का समर्थन करना होगा और ऐसा माहौल बनाना होगा जहां हर महिला और लड़की सुरक्षित महसूस करे, उन्हें सम्मान मिले और उनकी बात सुनी जाए। किसी भी बच्चे के बचपन या किसी भी इंसान की जिंदगी में डर की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।"


उनकी इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिल रहा है।


प्रिया दत्त, अभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुनील दत्त और अभिनेत्री नर्गिस की बेटी हैं, और अभिनेता संजय दत्त की बहन भी हैं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्य हैं और 2005 के उपचुनाव में मुंबई उत्तर-पश्चिम और 2009 के लोकसभा चुनाव में मुंबई उत्तर-मध्य से सांसद चुनी गई थीं।


2005 में अपने पिता के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2009 में भी उन्होंने जीत हासिल की। हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें भाजपा की पूनम महाजन से हार का सामना करना पड़ा।


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