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महिला आरक्षण बिल पर रूपाली गांगुली का तीखा बयान: क्या फिर से होगा इंतज़ार?

महिला आरक्षण संशोधन बिल को सदन में पास नहीं किया गया, जिसके बाद टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस देश में महिलाओं को मां भवानी का दर्जा दिया जाता है, वहां वे अपने अधिकारों से वंचित हैं। गांगुली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण बिल के अस्वीकृत होने पर अपनी निराशा व्यक्त की और महिलाओं के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार पर चर्चा की। जानें उन्होंने और क्या कहा और इस मुद्दे पर उनका क्या नजरिया है।
 
महिला आरक्षण बिल पर रूपाली गांगुली का तीखा बयान: क्या फिर से होगा इंतज़ार?

महिला आरक्षण बिल का पास न होना


मुंबई, 19 अप्रैल। महिला आरक्षण संशोधन बिल को सदन में मंजूरी नहीं मिल पाई, क्योंकि इसके लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। इस बिल को पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन केवल 298 वोट ही मिले। बिल के अस्वीकृत होने के बाद से विपक्ष ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया है। इस संदर्भ में, टीवी अभिनेत्री और भाजपा की समर्थक रूपाली गांगुली ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है।


उन्होंने कहा कि जिस देश में महिलाओं को मां भवानी का दर्जा दिया जाता है, वहां वे अपने अधिकारों से वंचित हैं। टीवी शो 'अनुपमा' की अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण बिल के अस्वीकृत होने पर अपनी निराशा व्यक्त की और महिलाओं के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार पर खुलकर चर्चा की। उनका कहना है कि महिलाओं को हमेशा सीमित रखने की कोशिश की जाती रही है, और यह सदन में भी स्पष्ट हुआ।


वीडियो में, गांगुली ने कहा, "यह कहना बहुत दुखद है कि जिस देश में मां भगवती की पूजा होती है, वहां महिलाओं के पास अधिकार नहीं हैं। पिछले कई दशकों से महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं, और यह कब तक चलेगा, कोई नहीं जानता। इस बिल में केवल यही था कि महिलाओं की संसद में भागीदारी बढ़ेगी और उनके लिए सीटें आरक्षित होंगी। वर्षों से केवल वादे किए जा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।"


उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष नहीं चाहता था कि महिलाएं सदन में आएं और देश को आगे बढ़ाने में मदद करें। कुछ लोगों के वोट न देने के कारण महिलाओं को फिर से उनका अधिकार नहीं मिला।"


गांगुली ने अपने शो अनुपमा का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा, "अनुपमा ने हमेशा सुना है 'तुम सिर्फ घर संभालो', और संसद में भी 70 करोड़ महिलाओं को यही कहा गया। हम भूलते नहीं हैं, हम जल्दी माफ नहीं करते और हम वोट देना भी जानते हैं।" उनके इस पोस्ट को यूजर्स का समर्थन भी मिल रहा है, और लोग कह रहे हैं कि कुछ वोटों की कमी के कारण 30 साल का इंतज़ार और बढ़ गया है।


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