प्रत्युषा बनर्जी आत्महत्या केस में कोर्ट का बड़ा फैसला: राहुल राज सिंह को मिली राहत!
प्रत्युषा बनर्जी के आत्महत्या मामले में नया मोड़
मुंबई, 30 सितंबर। टीवी की प्रसिद्ध अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी, जिन्हें 'बालिका वधू' में आनंदी के रूप में जाना जाता है, के आत्महत्या मामले में बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनके पूर्व प्रेमी राहुल राज सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है।
जस्टिस एसजी डिगे की एकल पीठ ने यह आदेश दिया, यह बताते हुए कि अभियोजन पक्ष के पास मामले को अदालत में ले जाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
प्रत्युषा, जो केवल 24 वर्ष की थीं, 1 अप्रैल 2016 को गोरेगांव वेस्ट में अपने किराए के फ्लैट में मृत पाई गई थीं। उनकी मां सोमा बनर्जी की शिकायत पर बांगुर नगर पुलिस ने राहुल राज सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि राहुल ने प्रत्युषा को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया।
राहुल को जुलाई 2016 में हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। 2018 में पुलिस ने चार्जशीट पेश की थी, जिसके बाद राहुल ने डिस्चार्ज के लिए अर्जी दी, जिसे डिंडोशी सेशन कोर्ट ने अगस्त 2023 में खारिज कर दिया था। सेशन कोर्ट ने कहा था कि गवाहों के बयान से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी ने मृतका की जिंदगी को कठिन बना दिया था।
राहुल की ओर से सीनियर वकील आबाद पोंडा और श्रेयांश मिठारे ने तर्क दिया कि एफआईआर जल्दबाजी में दर्ज की गई थी और कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या से एक घंटे पहले की फोन कॉल में राहुल ने प्रत्युषा को कोई भी कदम न उठाने के लिए समझाया और अपना प्यार जताया। राहुल ही वह व्यक्ति था जिसने दरवाजा खोला और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की।
कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए कहा कि यह मामला उकसाने का नहीं बनता, इसलिए ट्रायल चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। राहुल का हमेशा से कहना रहा है कि दोनों दिसंबर 2016 में शादी करने वाले थे। अब, इस 10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद, राहुल को बरी कर दिया गया है। प्रत्युषा का परिवार यदि चाहे तो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।
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