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प्रकाश राज का बड़ा बयान: क्या तिरंगा उठाना अब अपराध है?

अभिनेता प्रकाश राज ने हाल ही में तिरंगा प्रदर्शन पर उठाए गए सवालों पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन गांधीजी के सिद्धांतों के अनुसार होना चाहिए और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को अपराध नहीं माना जाना चाहिए। राज ने सौरभ दास और आशुतोष रंका की हिरासत पर भी चिंता जताई और नागरिकों से अपील की कि वे तिरंगा लेकर अपनी आवाज उठाएं। जानें उनके विचार और आगे की रणनीति के बारे में।
 

प्रकाश राज का गांधीवादी दृष्टिकोण


नई दिल्ली, 15 अक्टूबर। अभिनेता प्रकाश राज ने सीजेपी प्रमुख द्वारा समर्थकों से की गई अपील पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने सौरभ दास और आशुतोष रंका की हिरासत और सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन गांधीजी के सिद्धांतों के अनुसार होना चाहिए। राज ने यह भी आरोप लगाया कि तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और यह सवाल उठाया कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अब अपराध बन गया है।


प्रकाश राज ने कहा कि यदि नागरिकों को तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया जा रहा है, तो यह एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने आशुतोष रंका के जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर जाने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल उठने चाहिए। क्या प्रदर्शनकारी आतंकवादी हैं? यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है और इसमें शामिल लोग देश के नागरिक हैं।


उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने स्थान से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। यदि दो लोगों को तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया गया है, तो यह सवाल उठता है कि कितने और लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।


नेहा वोहरा और प्रशांत भूषण की टिप्पणियों पर प्रकाश राज ने कहा कि सत्ता परिवर्तन होना चाहिए, लेकिन यह शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को हिंसा से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। भारत के युवा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से अपनी बात रखेंगे।


ज्ञानेश कुमार के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोपों के संदर्भ में प्रकाश राज ने निर्वाचन आयोग से सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकार ज्ञानेश कुमार के मामले में उठ रहे सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही है। यदि आरोप गलत हैं, तो संबंधित लोगों को सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।


प्रकाश राज ने कहा कि सशस्त्र बलों और पुलिस भी देश के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे और एक दिन उनसे भी सवाल पूछे जाएंगे।


सौरभ दास और आशुतोष रंका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आगे की रणनीति पर प्रकाश राज ने कहा कि उनकी कोई अलग रणनीति नहीं है। वे सवाल पूछते रहेंगे और सरकार उन्हें दबाने की कोशिश करती रहेगी, लेकिन पूरे देश की आवाज को दबाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हर घर जंतर-मंतर बनेगा।


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