पंकज धीर: कैसे बने महाभारत के कर्ण, जानिए उनकी अनकही कहानी
पंकज धीर का अद्वितीय सफर
नई दिल्ली, 8 नवंबर। कुछ कलाकार केवल एक भूमिका निभाते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो पीढ़ियों तक उस किरदार का प्रतीक बन जाते हैं। बॉलीवुड के अभिनेता पंकज धीर ऐसे ही एक अद्वितीय कलाकार हैं। उनका करियर 1981 से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में टेलीविजन, फिल्म और निर्देशन के क्षेत्र में शानदार रहा।
पंकज धीर का जन्म 9 नवंबर 1956 को पंजाब में हुआ। उनके लिए सिनेमा और कला की दुनिया कोई नई बात नहीं थी, क्योंकि उनके पिता, सीएल धीर, एक प्रसिद्ध फिल्म निर्माता थे। पंकज ने 1980 के दशक में एक अभिनेता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और कई फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए।
कुछ लेखों में उल्लेख मिलता है कि पंकज का सपना पर्दे के पीछे रहकर फिल्म निर्देशक बनने का था, लेकिन किस्मत ने उन्हें अभिनय की दुनिया में ला खड़ा किया। छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक, उनकी दमदार अदाकारी और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान दिलाया। हर किरदार में खुद को ढालने की उनकी कला ने उन्हें एक अलग पहचान दी। उन्हें 1988 में महाकाव्य 'महाभारत' में कर्ण का किरदार निभाने का बड़ा ब्रेक मिला।
इस सीरियल से जुड़ी एक घटना यह है कि एक सीन की शूटिंग के दौरान उनकी आंखों को गंभीर चोट लगने से बचा था। दरअसल, जब कर्ण और अर्जुन के बीच युद्ध की शूटिंग हो रही थी, तो तीर तकनीकी खराबी के कारण उनकी आंख के पास जा लगा था। इस घटना का जिक्र उन्होंने एक इंटरव्यू में किया था।
एक दिलचस्प किस्सा यह है कि पंकज धीर को महाभारत में कर्ण का रोल निभाने से पहले अर्जुन के लिए चुना गया था। जब वे बीआर चोपड़ा के स्टूडियो में काम कर रहे थे, तब उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया गया। पंकज को उम्मीद नहीं थी कि उन्हें महाभारत में काम मिलेगा, लेकिन जब उन्होंने ऑडिशन दिया, तो कुछ महीनों बाद उन्हें कर्ण का किरदार निभाने का मौका मिला।
पंकज ने पहले कर्ण का रोल करने से मना किया था क्योंकि उन्हें अपनी मूछें हटानी थीं। लेकिन अंततः उन्होंने इस किरदार को निभाने के लिए हां कर दी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कर्ण का किरदार उनके जीवन को बदल दिया और उन्हें इतनी पॉपुलैरिटी मिली कि वे पॉपुलैरिटी पोल में तीसरे स्थान पर रहे।
पंकज धीर ने कर्ण के अनोखे सफर को पर्दे पर अपनी दमदार परफॉर्मेंस से जीवंत किया। 'महाभारत' में दानवीर कर्ण का किरदार निभाने के लिए उन्हें दर्शकों ने सचमुच कर्ण मान लिया। अपने करियर में उन्होंने कई फिल्मों और टेलीविजन प्रोडक्शन में काम किया, लेकिन कर्ण का उनका किरदार भारतीय फिल्म जगत में सबसे यादगार योगदान है।
1994 से 1996 तक, पंकज धीर ने टीवी सीरीज 'चंद्रकांता' में काम किया, जो लेखक देवकी नंदन खत्री के इसी नाम के नॉवेल पर आधारित थी। उन्होंने चुनारगढ़ के काल्पनिक राज्य के राजा शिवदत्त का लोकप्रिय रोल निभाया। उनकी कुछ प्रसिद्ध फिल्मों में बॉबी देओल की 'सोल्जर', शाहरुख खान की 'बादशाह', अक्षय कुमार की 'अंदाज', और अजय देवगन की 'जमीन' और 'टार्जन' शामिल हैं।
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