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पंकज त्रिपाठी का 50वां जन्मदिन: संघर्ष से सफलता तक की कहानी

पंकज त्रिपाठी, जो आज अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं, ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर, उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। जानें उनके संघर्ष, सफलता और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मिली पहचान के बारे में।
 

पंकज त्रिपाठी का जन्मदिन

आज, 5 सितंबर को, बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपने साइड और सपोर्टिंग रोल्स के जरिए दर्शकों का दिल जीता है। फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और बेहतरीन अभिनय के चलते, पंकज त्रिपाठी ने सभी के दिलों में एक खास जगह बना ली है। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं...


जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

पंकज त्रिपाठी का जन्म 5 सितंबर 1976 को बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव में हुआ। उनके पिता की इच्छा थी कि वह पढ़ाई करके डॉक्टर बनें और समाज की सेवा करें। हालांकि, पंकज का झुकाव एक समय पर राजनीति की ओर भी हो गया था। कॉलेज के दिनों में वह छात्र राजनीति में सक्रिय थे। 10वीं कक्षा में उन्होंने अपने सरनेम को तिवारी से त्रिपाठी में बदल लिया। विद्यार्थी परिषद के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा।


अभिनय की ओर रुख

डॉक्टर बनने की पढ़ाई में रुचि न होने के कारण पंकज त्रिपाठी ने राजनीति से भी दूरी बना ली। उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखने का निर्णय लिया। एक बार, अपने दोस्त के साथ 'अंधा कुंआ' नामक नाटक देखने के बाद, उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें अभिनय ही करना है।


मुंबई में कदम

पंकज त्रिपाठी ने पटना में कई नाटकों में काम किया, जिससे उन्हें दर्शकों का प्यार मिला। 1995 से 2001 तक उन्होंने पटना में थिएटर किया। इसके बाद, 2004 में, वह फिल्मों में काम करने के सपने के साथ मुंबई चले आए।


काम की तलाश में संघर्ष

मुंबई पहुंचने के बाद, पंकज त्रिपाठी को काम पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इस कठिन समय में उनकी पत्नी मृदुला त्रिपाठी ने घर को संभाला और चलाया। उन्होंने बताया कि 2004 से 2010 तक उन्होंने कुछ नहीं कमाया और अंधेरी में काम की तलाश में घूमते रहे।


पहली सफलता

2004 में आई फिल्म 'रन' में पंकज त्रिपाठी को एक छोटा सा रोल मिला, जिसमें भूमिका चावला और अमिताभ बच्चन थे। लेकिन 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' ने उन्हें बड़ा ब्रेक और पहचान दिलाई। इस फिल्म में उन्होंने सुल्तान कुरैशी का किरदार निभाया, जिससे अन्य सितारों जैसे ऋचा चड्ढा, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और हुमा कुरैशी को भी पहचान मिली।


ओटीटी पर सफलता

इसके बाद, पंकज त्रिपाठी ने 'न्यूटन', 'बरेली की बर्फी', 'मसान', 'ओएमजी 2' और 'मिमी' जैसी फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। 2018 में, उन्होंने वेब सीरीज 'मिर्जापुर' से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया, जिसमें उनका किरदार 'कालीन भैया' हर किसी की जुबान पर था। यह भूमिका उनकी पहचान को और मजबूत करने में मददगार साबित हुई। उन्होंने 'सेक्रेड गेम्स' और 'क्रिमिनल जस्टिस' में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।


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