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दीया मिर्जा ने पृथ्वी दिवस पर साझा किया खास संदेश, जानें कैसे सिखा रही हैं अपने बेटे को प्रकृति का महत्व

दीया मिर्जा ने पृथ्वी दिवस के अवसर पर अपने बेटे अव्यान को प्रकृति और किसानों के प्रति आभार व्यक्त करने की शिक्षा दी है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि कैसे अव्यान हर भोजन के बाद धन्यवाद करता है। दीया का मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही इस तरह की सोच के साथ बड़ा करना आवश्यक है, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हमें प्रकृति के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यही हमारे भविष्य की कुंजी है। जानें दीया के विचार और उनके बेटे की आदतें इस लेख में।
 
दीया मिर्जा ने पृथ्वी दिवस पर साझा किया खास संदेश, जानें कैसे सिखा रही हैं अपने बेटे को प्रकृति का महत्व

दीया मिर्जा का पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश

मुंबई, 22 अप्रैल। भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री दीया मिर्जा ने लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया है। पृथ्वी दिवस के अवसर पर, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। दीया ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे अव्यान को प्रकृति, किसानों और भोजन बनाने वालों के प्रति आभार व्यक्त करना कैसे सिखाया है।

उन्होंने अपने पोस्ट की शुरुआत एक संस्कृत श्लोक से की, जिसमें लिखा है, 'माता भुमि पुत्रोहम पृथ्व्याम', जिसका अर्थ है कि पृथ्वी हमारी मां है और हम उसके संतान हैं।

दीया ने आगे कहा, "अव्यान हर भोजन के बाद कहता है, 'थैंक यू मम्मा अर्थ, थैंक यू किसान और थैंक यू उस व्यक्ति को जिसने खाना बनाया।' जब से अव्यान ने ठोस भोजन लेना शुरू किया है, तब से उसे यह आदत डाली गई है कि वह हर बार प्रकृति, किसानों और उस व्यक्ति का धन्यवाद करे जिसने खाना तैयार किया। यह छोटी सी आदत अब हमारे घर में रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है।"

उन्होंने बताया, ''अब मेरा बेटा खुद को इस धरती का एक नागरिक मानने लगा है। वह समझता है कि जो खाना वह खाता है, जो पानी वह पीता है और जो जीवन वह जी रहा है, वह सब धरती मां की देन है। जब बच्चे छोटी उम्र से इस तरह की सोच के साथ बड़े होते हैं, तो वे न केवल जिम्मेदार नागरिक बनते हैं बल्कि प्रकृति के प्रति भी अधिक संवेदनशील होते हैं।''

दीया ने अपने पोस्ट में कहा, "हमें एक ऐसे सिस्टम की ओर बढ़ना चाहिए, जिसमें प्रकृति और धरती के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए। हमारे पूर्वज भी इसी तरह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीते थे। यदि मिट्टी, मौसम और प्राकृतिक चक्र संतुलित रहेंगे, तो इंसानों की सेहत भी अपने आप ठीक रहेगी।''

उन्होंने आगे कहा, ''बड़े बदलाव केवल बड़े विचारों से नहीं आते, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों से आते हैं। जैसे कि हम क्या खाते हैं, कितना कचरा उत्पन्न करते हैं और प्रकृति के नियमों का कितना सम्मान करते हैं। मेरी सभी से अपील है कि हमें अपने जीवन में इन छोटी बातों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही भविष्य को बेहतर बनाने की असली कुंजी है।''

अपने पोस्ट के अंत में दीया मिर्जा ने कहा, ''जब हम धरती की देखभाल को प्राथमिकता देते हैं, तो वास्तव में हम अपने और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा कर रहे होते हैं। हम सभी एक 'वन अर्थ फैमिली' का हिस्सा हैं और हमें इसी भावना के साथ जीवन जीना चाहिए।''


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