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दिव्येंदु ने मीम क्रिएटर्स को बताया बेहतरीन कहानीकार, फिल्म इंडस्ट्री में मिल सकता है बड़ा मौका!

अभिनेता दिव्येंदु ने मीम कल्चर के प्रति अपने सकारात्मक दृष्टिकोण को साझा किया है। उन्होंने कहा कि मीम बनाने वाले लोग रचनात्मक होते हैं और उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलना चाहिए। दिव्येंदु ने अपनी आगामी वेब सीरीज 'ग्लोरी' के बारे में भी बात की, जिसमें उन्होंने सफलता और असली ग्लोरी की परिभाषा पर अपने विचार रखे। जानें उनके विचार और मीम्स के महत्व के बारे में।
 
दिव्येंदु ने मीम क्रिएटर्स को बताया बेहतरीन कहानीकार, फिल्म इंडस्ट्री में मिल सकता है बड़ा मौका!

दिव्येंदु का मीम कल्चर पर सकारात्मक दृष्टिकोण




मुंबई, 4 मई। अभिनेता दिव्येंदु, जो 'मिर्जापुर' में मुन्ना भैया के किरदार से प्रसिद्ध हुए, मीम कल्चर के प्रति अपने सकारात्मक विचार साझा कर रहे हैं। उनका मानना है कि मीम बनाने वाले लोग बेहद रचनात्मक होते हैं और उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में अवसर मिलना चाहिए।


दिव्येंदु ने एक बातचीत में कहा, "लोग अपने पसंदीदा पात्रों को मीम्स के माध्यम से अपनी जिंदगी में शामिल करते हैं, यह देखना बहुत अच्छा लगता है। यह एक विशेष और भावनात्मक अनुभव है।"


उन्होंने यह भी कहा कि मीम्स को मजेदार और रचनात्मक तरीके से बनाया जाता है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी पात्र या स्थिति को जरूरत से ज्यादा महिमामंडित नहीं करना चाहिए।


अभिनेता ने कहा, "कई बार मुझे लगता है कि मीम क्रिएटर्स को हमारी फिल्म इंडस्ट्री में काम मिल सकता है। अगर वे पर्दे पर नहीं आ सकते, तो कम से कम डायलॉग या स्क्रीनप्ले राइटर के रूप में। उनका जो तरीका है, वह वास्तव में अद्भुत है।"


दिव्येंदु अपने पात्रों को मीम और पॉप कल्चर का हिस्सा बनते देखकर खुश हैं। उनका कहना है कि दर्शकों का प्यार उनके लिए बहुत मायने रखता है।


जल्द ही दिव्येंदु 'ग्लोरी' नामक वेब सीरीज में नजर आएंगे। उन्होंने हाल ही में अपनी सफलता और 'ग्लोरी' की परिभाषा पर अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि बाहरी प्रशंसा से ज्यादा काम में ईमानदारी महत्वपूर्ण है, और यही उनके लिए असली ग्लोरी है।


उन्होंने कहा, "इस इंडस्ट्री में मेरे लिए असली शान अपने काम से संतोष और खुद को स्क्रीन पर बेहतरीन तरीके से देखने में है। मुझे लगता है कि जिस काम से मैं खुश हूं, अगर लोग उसकी तारीफ करें तो यह अच्छी बात है। लेकिन सबसे जरूरी यह है कि मैं घर जाकर चैन से सो सकूं। मेरे लिए ग्लोरी की शुरुआत यहीं से होती है।"


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