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डेविड धवन: कैसे एक असफलता ने उन्हें बॉलीवुड का 'किंग ऑफ कॉमेडी' बना दिया?

डेविड धवन, बॉलीवुड के 'किंग ऑफ कॉमेडी', ने अपने करियर की शुरुआत अभिनेता बनने के सपने से की थी, लेकिन असफलता ने उन्हें एडिटिंग और निर्देशन की ओर मोड़ दिया। गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी ने 90 के दशक में कई हिट फिल्में दीं, जिससे उन्होंने कॉमेडी को एक नई पहचान दी। जानें कैसे उन्होंने अपनी नाकामी को सफलता में बदला और आज भी फिल्म इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण नाम बने हुए हैं।
 

डेविड धवन का सफर


नई दिल्ली, 15 अगस्त। डेविड धवन ने कभी अभिनेता बनने का सपना देखा था और इसके लिए एफटीआईआई में दाखिला लिया। हालांकि, उन्हें जल्दी ही यह एहसास हुआ कि अभिनय उनके लिए नहीं है। जिस सपने के टूटने को उन्होंने अपनी कमी समझा, वही बाद में उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। उन्होंने एक्टिंग छोड़कर एडिटिंग का रास्ता चुना और कैमरे के पीछे से ऐसी कॉमेडी बनाई कि बॉलीवुड ने उन्हें 'किंग ऑफ कॉमेडी' के नाम से जाना।


गोविंदा के साथ सफल जोड़ी

90 के दशक में, गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी ने कई हिट फिल्में दीं। डेविड धवन के जन्मदिन पर, आइए जानते हैं उस फिल्म निर्माता की कहानी जिसने अपनी असफलता को सफलता में बदल दिया।


डेविड धवन का जन्म 16 अगस्त 1951 को अगरतला में हुआ। उनका पालन-पोषण कानपुर में हुआ, जहां उनके पिता एक बैंक मैनेजर थे। जन्म के समय उनका नाम राजिंदर रखा गया, लेकिन पड़ोसियों ने उन्हें डेविड कहना शुरू कर दिया, और अंततः उनके माता-पिता ने भी यही नाम स्वीकार कर लिया।


शिक्षा और करियर की शुरुआत

डेविड ने एफटीआईआई में पढ़ाई की और अभिनेता बनने का सपना देखा। लेकिन, सतीश शाह और सुरेश ओबेरॉय जैसे कलाकारों को देखकर उन्हें लगा कि शायद अभिनय उनके लिए नहीं है। इसके बाद, उन्होंने एडिटिंग का रास्ता चुना।


उन्होंने 1978 में फिल्म 'लाडली' से एडिटर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'सारांश', 'सवेरे वाली गाड़ी' और 'इंसाफ' जैसी फिल्मों पर काम किया। 1989 में, उन्होंने 'ताकतवर' से निर्देशक के रूप में कदम रखा।


कॉमेडी का नया दौर

डेविड धवन ने कॉमेडी को अपनी पहचान बना लिया और देखते ही देखते सफलता की नई कहानी लिखी। 'स्वर्ग' (1990) में राजेश खन्ना, गोविंदा, जूही चावला और माधवी ने काम किया। यह फिल्म 1990 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी।


इसके बाद 'शोला और शबनम' (1992) आई, जिसमें गोविंदा और दिव्या भारती ने काम किया। यह फिल्म सुपरहिट रही और इसका गाना 'तू पागल प्रेमी आवारा' भी बहुत लोकप्रिय हुआ।


गोविंदा के साथ हिट फिल्में

'आंखें' (1993) ने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का दर्जा हासिल किया। इसके बाद 'राजा बाबू' (1994) में गोविंदा, शक्ति कपूर और करिश्मा कपूर ने काम किया।


'कुली नंबर 1' (1995) ने डेविड और गोविंदा की जोड़ी को और मजबूत किया। इसके बाद 'साजन चले ससुराल' (1996) ने भी ब्लॉकबस्टर सफलता हासिल की।


निजी जीवन

डेविड धवन ने 1997 में 'जुड़वा' बनाई, जिसमें सलमान खान ने डबल रोल निभाया। इसके बाद, 2004 में 'मुझसे शादी करोगी' ने उन्हें फिर से बड़ी सफलता दिलाई।


उन्होंने 2014 में अपने बेटे वरुण धवन के साथ पहली बार काम किया। उनकी निजी जिंदगी भी उनके फिल्मी सफर की तरह ही खास है। उन्होंने करुणा से शादी की और उनके दो बेटे हैं, वरुण और रोहित।


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