जुबिन नौटियाल: दर्द और प्रेम की आवाज का जादूगर, पीएम मोदी ने किया था तारीफ!
जुबिन नौटियाल का जन्मदिन और संगीत यात्रा
नई दिल्ली, 13 जून। गायक जुबिन नौटियाल, जिनकी आवाज़ ने 'मेरे घर राम आए हैं', 'मेरी मां के बराबर कोई नहीं', और 'नारायण मिल जाएगा' जैसे गानों के जरिए लोगों का दिल जीता है, 14 जून को अपना जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। वह न केवल हिंदी सिनेमा में, बल्कि अपनी गायकी के जरिए संगीत प्रेमियों के बीच भी एक खास स्थान बना चुके हैं।
जुबिन का जन्म 14 जून 1989 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुआ। उनके पिता, राम शरण नौटियाल, एक सफल व्यवसायी और राजनीतिज्ञ हैं, जबकि उनकी मां, नीना नौटियाल, घर की देखभाल करती हैं। परिवार में संगीत की कोई परंपरा न होने के बावजूद, जुबिन ने बचपन से ही संगीत के प्रति गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने छोटी उम्र में क्लासिकल संगीत की शिक्षा ली और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया। देहरादून के सेंट जोसेफ कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने संगीत को अपने करियर के रूप में अपनाने का निर्णय लिया।
जब जुबिन मुंबई पहुंचे, तो उन्हें कई बार अस्वीकृति का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कई संगीतकारों ने उन्हें सलाह दी कि वे अपनी आवाज़ पर विश्वास करें और मेहनत करते रहें। उन्होंने लगातार प्रयास किए और संघर्ष को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया।
2014 में 'रंग' और 'तुम्ही हो' जैसे गानों से जुबिन को पहचान मिली। इसके बाद 'जिंदगी कुछ तो बताओ', 'कुछ दफा', 'लूडो', और 'रातां लंबियां' जैसे गाने भी हिट हुए। 'रातां लंबियां' के लिए उन्हें आईफा अवॉर्ड सहित कई पुरस्कार मिले। उनकी आवाज़ में दर्द, प्रेम और भावनाओं का अनूठा मिश्रण है, जो उन्हें संगीत प्रेमियों के दिलों में खास बनाता है।
जुबिन के गाए भजन भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। उनका भजन 'मेरे घर राम आए हैं' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भा गया था। राम मंदिर के उद्घाटन के समय इस भजन ने काफी सुर्खियां बटोरीं। प्रधानमंत्री ने इस भजन की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह भजन दिल को छू लेने वाला है।
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