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चंद्रचूड़ सिंह ने दादा की वसीयत को लेकर परिवार के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी

बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अपने दादा की वसीयत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी चाची और अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि वसीयत फर्जी तरीके से तैयार की गई थी। इस विवाद में कई बेशकीमती संपत्तियों के बेचे जाने का भी आरोप है। चंद्रचूड़ ने कहा है कि उनके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
 

वसीयत के फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने अपने दादा की वसीयत को फर्जी तरीके से तैयार करने का आरोप लगाते हुए अपनी चाची गायत्री देवी और दो चचेरे भाइयों सहित सात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सिंह ने शनिवार को रोरावर थाने में शिकायत की, जिसमें उन्होंने कहा कि अलीगढ़ के जलालपुर में उनके दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह के हस्ताक्षर 1997 में फर्जी तरीके से किए गए थे, जबकि उस समय वह गंभीर रूप से बीमार थे और दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में नहीं थे।


शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके चाचा गंगा सिंह और अन्य परिवार के सदस्यों ने वसीयत पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनके पिता दिवंगत कैप्टन बलदेव सिंह को पैतृक संपत्ति के अधिकार से वंचित कर दिया। सिंह ने यह भी कहा कि वसीयत तैयार होने के समय उनके पिता अलीगढ़ में मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, उनके एक अन्य चाचा का निधन हरेंद्र पाल सिंह से पहले हो चुका था।


सिंह ने आरोप लगाया कि विवादित वसीयत के आधार पर कई बेशकीमती संपत्तियां बाद में बेच दी गईं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद, उन्होंने पुलिस के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया है। यह विवाद पिछले वर्ष तब सामने आया था जब उनकी चाची गायत्री देवी ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा था कि वसीयत असली है और चंद्रचूड़ उन्हें झूठे मामले में फंसा रहे हैं।


चंद्रचूड़ सिंह के पिता, कैप्टन बलदेव सिंह, अलीगढ़ शहर से कांग्रेस के विधायक रह चुके थे और कुछ वर्ष पहले उनका निधन हो गया था। पुलिस ने इस मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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