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क्या है शिल्पा शिंदे की फेमिनिज्म पर अनोखी राय? जानें उनकी सोच!

अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फेमिनिज्म पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और मूल्यों से होती है। शिंदे ने यह भी कहा कि किसी महिला के कपड़े उसके विचारों को नहीं दर्शाते। जानें उनके विचारों की गहराई और सोच के पीछे की वजह।
 
क्या है शिल्पा शिंदे की फेमिनिज्म पर अनोखी राय? जानें उनकी सोच!

शिल्पा शिंदे का फेमिनिज्म पर नजरिया


मुंबई, 22 तारीख को एक इंटरव्यू में, अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने 'फेमिनिज्म' के बारे में अपने विचार साझा किए। आजकल यह शब्द हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है, चाहे वह सोशल मीडिया हो या फिल्में।


शिंदे ने कहा, "मेरे अनुसार, असली पहचान केवल बाहरी रूप से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कोई महिला क्या पहनती है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा मायने रखता है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।"


इस बातचीत में, शिल्पा ने खुद को 'थोड़ा पारंपरिक सोच वाली' बताया। उन्होंने कहा, "मेरी व्यक्तिगत राय है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग इसे मॉर्डिनिटी से जोड़ते हैं, लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।"


शिल्पा ने आगे कहा, "मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। धूम्रपान, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस तब होती है जब कोई अपने विचारों पर दृढ़ हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास से जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं।"


उन्होंने यह भी कहा, "कपड़ों और सोच का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं होता। किसी की मानसिकता उसके पहनावे से तय नहीं होती। कोई साड़ी पहनकर भी मॉडर्न सोच रख सकता है और कोई मॉडर्न कपड़े पहनकर भी पुराने विचारों वाला हो सकता है। इसलिए किसी को उसके कपड़ों से जज करना गलत है।"


शिल्पा ने कहा, "मुझे व्यक्तिगत रूप से साड़ी पहनने वाली महिलाएं पसंद हैं, लेकिन यह मेरी फैशन पसंद है, न कि सोच की। एक महिला के लिए सबसे जरूरी है कि वह खुद को समझे, अपने मूल्यों को जाने और आत्मविश्वास से जीवन जीए। यही सच्ची मजबूती है।"


--आईएएनएस


पीके/वीसी



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