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क्या है 'द साइकिल ऑफ लव' की कहानी? जानें इस अनोखे प्रेम सफर के बारे में!

डॉक्यूमेंट्री 'द साइकिल ऑफ लव' एक अनोखी प्रेम कहानी को दर्शाती है, जिसमें पी.के. महानंदिया ने अपनी प्रेमिका लोट्टा से मिलने के लिए भारत से स्वीडन तक साइकिल यात्रा की। इस फिल्म का न्यूयॉर्क में प्रीमियर हुआ है और यह दर्शकों को प्यार, संस्कृति और यात्रा के अद्भुत अनुभव से जोड़ती है। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और कैसे यह डॉक्यूमेंट्री बनी।
 

एक अनोखी प्रेम कहानी का सफर


न्यूयॉर्क, 21 अगस्त। भारत की गलियों से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब अमेरिका में चर्चा का विषय बन गई है। इस कहानी में एक युवक ने अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए साइकिल उठाई और भारत से स्वीडन तक का सफर तय किया। इसी सच्ची घटना पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'द साइकिल ऑफ लव' का न्यूयॉर्क में प्रीमियर हुआ है।


यह डॉक्यूमेंट्री पी.के. महानंदिया और लोट्टा वॉन शेडविन की जिंदगी पर आधारित है। पी.के. का जन्म एक गरीब दलित परिवार में हुआ था और 23 साल की उम्र में वह दिल्ली में सड़क किनारे चित्र बनाकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। 1977 में, 19 वर्षीय स्वीडिश लड़की लोट्टा भारत आईं, जहां उनकी मुलाकात हुई और उनके जीवन में एक नया मोड़ आया।


लोट्टा ने दिल्ली में पीके से अपना पोर्ट्रेट बनवाने का अनुरोध किया, और इसी मुलाकात ने धीरे-धीरे प्यार का रूप ले लिया। हालांकि, उनके बीच भाषा और सांस्कृतिक भिन्नताएं थीं, लेकिन उनका लगाव बढ़ता गया। कुछ समय बाद, लोट्टा को स्वीडन लौटना पड़ा, जिससे उनके रिश्ते को बनाए रखने की चुनौती सामने आई।


पी.के. ने लोट्टा से मिलने का निर्णय लिया और साइकिल से भारत से स्वीडन की यात्रा शुरू की। उन्होंने लगभग 10,000 किलोमीटर का सफर तय किया, जिसमें उन्होंने कई देशों को पार किया और अंततः स्वीडन पहुंचकर अपनी प्रेमिका से मिले। यह अद्भुत यात्रा अब 'द साइकिल ऑफ लव' डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा है।


इस फिल्म का निर्देशन ऑरलैंडो वॉन आइन्सीडेल ने किया है, जो पहले 'द व्हाइट हेल्मेट्स', 'विरुंगा' और 'द लॉस्ट चिल्ड्रन' जैसी डॉक्यूमेंट्री में काम कर चुके हैं। फिल्म का न्यूयॉर्क प्रीमियर मैनहैटन स्थित डायरेक्टर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका थिएटर में हुआ, जहां इसे अमेरिकी दर्शकों के सामने पेश किया गया।


पी.के. और लोट्टा की बेटी एमिली महानंदिया वॉन शेडविन इस फिल्म की निर्माता हैं। उन्होंने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री उनके माता-पिता की प्रेम कहानी से प्रेरित है। निर्देशक ने उनके पिता की पूरी जिंदगी को नहीं दिखाया, बल्कि उनके प्यार और यात्रा को मुख्य फोकस बनाया।


एमिली ने कहा, "इस यात्रा के दौरान टीम को विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों से मिलने का अवसर मिला। इनमें से कई बातचीत पहले से तय नहीं थीं, लेकिन बाद में फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गईं। मेरा मानना है कि प्यार की भावना सभी को जोड़ती है, चाहे वे किसी भी भाषा या संस्कृति से हों।"


फिल्म में पी.के. का किरदार चिराग बेनेडिक्ट लोबो ने निभाया है, जबकि मीना डेल लोट्टा के किरदार में नजर आती हैं। मीना ने बताया कि फिल्म की शूटिंग उन स्थानों पर हुई, जहां असल में ये घटनाएं हुई थीं। कलाकारों ने वहां के लोगों से बातचीत की और कई दृश्य उसी समय तैयार हुए।


चिराग लोबो के लिए यह अनुभव खास रहा। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाए गए कई लोग असल जीवन के हैं और उनके साथ हुई बातचीत ने उन्हें प्यार, भरोसे, माफी और जीवन के बारे में सोचने पर मजबूर किया।


इस डॉक्यूमेंट्री में प्रियंका चोपड़ा जोनस भी बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर जुड़ी हैं। फिल्म के निर्माताओं के अनुसार, प्रियंका को पी.के. और लोट्टा की कहानी इसलिए पसंद आई क्योंकि यह दो अलग देशों और संस्कृतियों के बीच प्यार की कहानी है। फिल्म की निर्माता टीम में एमिली और उनके भाई कार्ल महानंदिया वॉन शेडविन के साथ हैरी ग्रेस और क्लो लेलैंड भी शामिल हैं।


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