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क्या सिद्धार्थ मल्होत्रा निभाएंगे मोगैंबो और शाकाल जैसे किरदार? जानें उनके सपनों के बारे में!

सिद्धार्थ मल्होत्रा, जो बॉलीवुड में अपनी मुस्कान और करिश्माई अंदाज के लिए जाने जाते हैं, ने मोगैंबो और शाकाल जैसे किरदार निभाने की इच्छा व्यक्त की है। उनका करियर मॉडलिंग से शुरू होकर कई सफल फिल्मों तक फैला है। जानें उनके जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ और अभिनय के प्रति उनके दृष्टिकोण के बारे में। क्या वह अपने सपनों को साकार कर पाएंगे? इस लेख में जानें!
 
क्या सिद्धार्थ मल्होत्रा निभाएंगे मोगैंबो और शाकाल जैसे किरदार? जानें उनके सपनों के बारे में!

सिद्धार्थ मल्होत्रा का अभिनय सफर




मुंबई, 15 जनवरी। बॉलीवुड में अपनी मुस्कान और आकर्षक व्यक्तित्व से लाखों दिलों पर राज करने वाले सिद्धार्थ मल्होत्रा ने हमेशा से ही विविध भूमिकाओं में खुद को आजमाने की कोशिश की है। हालांकि, वह अधिकतर हीरो के रूप में नजर आए हैं, लेकिन अभिनेता का सपना मोगैंबो और शाकाल जैसे किरदार निभाना है।


सिद्धार्थ का जन्म 16 जनवरी 1985 को दिल्ली में एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ। उनके पिता सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे, जबकि मां रीमा एक गृहिणी हैं। सिद्धार्थ ने बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन उनका झुकाव हमेशा अभिनय और मॉडलिंग की ओर रहा। कॉलेज के दिनों में उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा, जिसने उन्हें पहचान और अनुभव दिलाया।


मॉडलिंग के दौरान सिद्धार्थ ने कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया और सफलता हासिल की। चार साल तक मॉडलिंग करने के बाद, उन्होंने अभिनय में कदम रखा। अपने शुरुआती करियर में, उन्होंने कई ऑडिशन दिए और टीवी शो 'धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चौहान' में जयचंद का किरदार निभाया। हालांकि, यह सफर आसान नहीं था, क्योंकि कई प्रोजेक्ट्स बंद हो गए और उन्हें बड़े पर्दे पर आने का मौका नहीं मिला।


सिद्धार्थ की जिंदगी में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने करण जौहर की फिल्म 'माय नेम इज खान' में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के सुझाव पर करण ने उन्हें यह अवसर दिया। इस सेट पर उनकी मेहनत ने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। दो साल बाद, 2012 में, उन्होंने 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और सिद्धार्थ को फिल्मफेयर बेस्ट डेब्यू मेल कैटेगरी में नामांकित किया गया।


इसके बाद, 'हसीं तो फंसी', 'एक विलेन', 'कपूर एंड संस', और 'शेरशाह' जैसी फिल्मों ने सिद्धार्थ को एक मजबूत अभिनेता के रूप में स्थापित किया। विशेष रूप से 'एक विलेन' में उनके किरदार ने साबित किया कि वह हीरो के अलावा एक प्रभावशाली विलेन की भूमिका भी निभा सकते हैं। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा है कि अगर उन्हें मोगैंबो और शाकाल जैसे खतरनाक विलेन का किरदार निभाने का मौका मिले, तो वह इसे खुशी से स्वीकार करेंगे।


सिद्धार्थ हमेशा सोच-समझकर फिल्में चुनते हैं। उनका मानना है कि हर किरदार में अपना योगदान देना और दर्शकों को खुश करना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि वह विलेन का किरदार निभाते हैं, तो वह उसे केवल डरावना नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए यादगार बनाना चाहेंगे।


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