Movie prime

क्या विजय विक्रम सिंह की आवाज़ ने बिग बॉस में बनाई पहचान? जानें उनके विचार!

विजय विक्रम सिंह, जो 'बिग बॉस' में अपनी आवाज़ से मशहूर हुए हैं, ने बताया कि स्क्रीन टाइम कभी भी किरदार के चयन का मुख्य आधार नहीं होता। उन्होंने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री में टैलेंट बनाम विजिबिलिटी पर अपने विचार साझा किए। जानें कैसे वह अपने किरदारों में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी सोच क्या है।
 

विजय विक्रम सिंह की अनोखी सोच


मुंबई, 21 अगस्त। अभिनेता और वॉयस आर्टिस्ट विजय विक्रम सिंह ने 'बिग बॉस' में अपनी आवाज़ के जरिए एक विशेष पहचान बनाई है। उनका मानना है कि एक अभिनेता के लिए स्क्रीन टाइम कभी भी किरदार के चयन का मुख्य आधार नहीं होना चाहिए।


उन्होंने एक बातचीत में कहा कि एक अभिनेता के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह छोटे से किरदार से भी गहरा प्रभाव छोड़ सके। विजय ने बताया, "मेरे लिए, किसी किरदार की कहानी में भूमिका को समझना हमेशा आवश्यक होता है। यदि उस किरदार के बिना कहानी आगे नहीं बढ़ती, तो वह किरदार महत्वपूर्ण है, चाहे वह एक सीन में हो या कई सीन में। कभी-कभी, आप केवल कुछ मिनटों के लिए नजर आ सकते हैं और फिर भी स्थायी प्रभाव छोड़ सकते हैं। यह उस किरदार की कहानी में भूमिका पर निर्भर करता है।"


आगे उन्होंने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "अब तक मुझे केवल गंभीर किरदारों के लिए चुना गया है, लेकिन हाल ही में एक वेब सीरीज 'रंगीन' में मैंने अपने कनपुरिया अंदाज और नकारात्मक भूमिका को दर्शाया। हम अब कोशिश कर रहे हैं कि मेरी बनी हुई छवि के भीतर विभिन्न किरदारों का प्रयोग करें। एक फिल्म में मैं डॉक्टर का किरदार निभा रहा हूं, दूसरी में डीन और एक वेब सीरीज में फौजी का किरदार निभा रहा हूं।"


विजय विक्रम ने यह भी बताया कि लोग उन्हें गंभीर समझते हैं, जबकि असल में वह चंचल स्वभाव के हैं।


जब उनसे पूछा गया कि क्या आज की इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा विजिबिलिटी महत्वपूर्ण हो गई है, तो उन्होंने कहा, "शायद मैं इस सवाल का सही जवाब देने वाला नहीं हूं क्योंकि मुझे बिना विजिबिलिटी के भी अच्छा काम मिला है। मैंने अपने करियर में ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग नहीं किया है, फिर भी मुझे अच्छे फॉलोअर्स और काम मिला है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि विजिबिलिटी अनिवार्य है।"


उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, विजिबिलिटी इस मायने में जरूरी है कि आपको कास्टिंग डायरेक्टर्स और निर्देशकों के दिमाग में ताजा बने रहना चाहिए। आपको एक निश्चित स्तर की विजिबिलिटी बनाए रखने की आवश्यकता है। यह विभिन्न तरीकों से आ सकती है। आप उन्हें कॉल, मैसेज या बातचीत कर सकते हैं और उनके दिमाग में एक टॉप-ऑफ-माइंड रिकॉल बना सकते हैं। आप हर दिन इंटरनेट या समाचार पत्रों में आए बिना भी अपनी विजिबिलिटी बनाए रख सकते हैं।"


OTT