क्या मुंबई में घरेलू सहायिका को बंधक बनाया गया? संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी का चौंकाने वाला खुलासा
घरेलू सहायिका के बंधक बनाए जाने का मामला
मुंबई, 31 जुलाई। टीवी अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने हाल ही में एक घरेलू सहायिका से जुड़ी एक गंभीर घटना का खुलासा किया।
उनका दावा है कि उनकी घरेलू सहायिका गुड़िया की बड़ी बहन को नवी मुंबई के खारघर क्षेत्र में एक घर में बंधक बना लिया गया था और उसे जबरदस्ती काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। गुड़िया ने मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद उन्होंने और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर उसे वहां से बाहर निकालने में सहायता की।
संभावना और अविनाश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने इस घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। ऐसी घटनाएं किसी के साथ भी हो सकती हैं, इसलिए हमें गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।"
अविनाश ने बताया कि यह घटना तब सामने आई जब गुड़िया अचानक रोने लगी। गुड़िया उनके घर में रहती है और उसके रोने से वे चिंतित हो गए। जब उन्होंने कारण पूछा, तो उसने बताया कि उसकी बहन संकट में है और उसे मदद की आवश्यकता है।
अविनाश ने कहा कि गुड़िया की बहन ने एक डोमेस्टिक हेल्प एजेंसी के माध्यम से खारघर में काम करना शुरू किया था। उसे बताया गया था कि उसे केवल पालतू जानवरों की देखभाल करनी होगी, जिसमें 13 बिल्लियाँ और 5 कुत्ते शामिल हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद उससे अन्य घरेलू काम भी करवाए जाने लगे।
महिला की हाल ही में सर्जरी हुई थी और वह अधिक मेहनत करने की स्थिति में नहीं थी। जब उसने काम छोड़ने की इच्छा जताई, तो उसे जाने नहीं दिया गया।
संभावना ने बताया कि महिला ने फोन पर रोते हुए कहा कि उसकी तबीयत खराब है और उसे डर लग रहा है। इसके बाद उन्होंने फोन पर उस घर में मौजूद लोगों से बात की और महिला को छोड़ने की अपील की।
संभावना ने आरोप लगाया कि महिला को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी और उसका पहचान पत्र छिपा दिया गया था।
संभावना और अविनाश ने वीडियो में बताया कि बाद में एजेंसी के लोगों और एक सामाजिक संस्था की मदद से महिला को रेस्क्यू किया गया। एक स्थानीय महिला ने मदद की और किसी तरह उसे वहां से बाहर निकाला। महिला को बाहर निकलते समय चोटें भी आईं।
इस मामले में दंपति ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। संभावना ने कहा कि खारघर पुलिस से मदद मांगने के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उन्होंने मुंबई के बंगूर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। अविनाश ने बताया कि वहां पुलिस ने उनकी बात सुनी और मामला दर्ज किया।
वीडियो में गुड़िया ने भी अपनी बहन की मदद के लिए संभावना और अविनाश का आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि अगर दोनों ने मदद नहीं की होती, तो उसकी बहन की जान खतरे में पड़ सकती थी।
.png)