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क्या पलाश मुच्छल ने किया फिल्म प्रोड्यूसर के साथ धोखा? जानें पूरी कहानी!

सांगली शहर में मशहूर संगीतकार पलाश मुच्छल के खिलाफ एक फिल्म प्रोड्यूसर से ₹25 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। प्रोड्यूसर विज्ञान प्रकाश माने ने आरोप लगाया है कि पलाश ने उन्हें एक फिल्म में निवेश करने के लिए राजी किया, लेकिन न तो फिल्म बनी और न ही पैसे लौटाए गए। जब माने ने पैसे वापस मांगे, तो पलाश ने अभद्रता की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी!
 
क्या पलाश मुच्छल ने किया फिल्म प्रोड्यूसर के साथ धोखा? जानें पूरी कहानी!

पलाश मुच्छल पर गंभीर आरोप


सांगली पुलिस ने प्रसिद्ध संगीतकार पलाश मुच्छल के खिलाफ गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर एक फिल्म निर्माता से ₹25 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जब फिल्म निर्माता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो पलाश ने उनके साथ अभद्रता की। यह फिल्म निर्माता कोई और नहीं, बल्कि क्रिकेटर स्मृति मंधाना के करीबी दोस्त विज्ञान प्रकाश माने हैं। पुलिस ने इस मामले में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।


विज्ञान प्रकाश माने का बयान

विज्ञान प्रकाश माने ने बताया कि उनकी मुलाकात पलाश मुच्छल से एक फिल्म प्रोड्यूसर के रूप में हुई थी। पलाश ने उन्हें एक फिल्म प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए राजी किया और ₹25 लाख की राशि ली। उन्होंने वादा किया था कि फिल्म छह महीने में पूरी हो जाएगी, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी न तो फिल्म बनी और न ही पैसे लौटाए गए।


पलाश मुच्छल की मानसिकता पर सवाल

विज्ञान माने ने कहा:


उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं भारतीय संविधान का सम्मान करता हूं। पलाश ने मुझसे पैसे लेकर धोखा दिया। जब मैंने पैसे वापस मांगे, तो वह बहाने बनाता रहा। जब हम उससे मिले, तो उसने एक विशेष समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे मैं दोहरा नहीं सकता। उसकी मानसिकता बेहद खराब है।”


कानूनी कार्रवाई की जानकारी

सांगली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “विज्ञान प्रकाश माने की शिकायत के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) और 352, और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपों में फिल्म निर्माण से जुड़े वित्तीय विवाद के दौरान जाति-सूचक गालियों का इस्तेमाल शामिल है। मामले की जांच जारी है।”


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