क्या नसीरुद्दीन शाह का 'दिमागी नक्सली' बयान है सही? जानें क्या कहते हैं नेता
नसीरुद्दीन शाह का विवादास्पद बयान
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सली' कहने के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया और प्रवक्ता आरपी सिंह ने इस पर सवाल उठाए हैं, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने शाह के बयान का समर्थन किया है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, "भारत में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन नसीरुद्दीन शाह अकेले नहीं हैं जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं। अगर नक्सलवाद खत्म होगा, तो इसमें उनका भी खात्मा होगा।"
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "उन्हें इलाज की जरूरत है। जब बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार थी, तब उन्होंने कुछ नहीं कहा। उन्हें किसी मानसिक चिकित्सक से मिलना चाहिए।"
जेएमएम का समर्थन
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने नसीरुद्दीन शाह का समर्थन करते हुए कहा, "आज हर जागरूक व्यक्ति नक्सली है। आदिवासियों की आवाज उठाने पर उन्हें नक्सली कहा जाता है। बुद्धिजीवियों को भी यही स्थिति का सामना करना पड़ता है।"
नसीरुद्दीन शाह का वीडियो
नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो में कहा था, "मैं गर्व से कहता हूं कि मैं दिमागी नक्सली हूं।" उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की हिम्मत तोड़ने और लोकतंत्र को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने आलोचकों के 'एंटी-नेशनल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे संबोधनों का भी जवाब दिया।
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