क्या जेनरेशन Z को लेकर हमारी सोच में बदलाव की जरूरत है? अर्चना पूरन सिंह का नजरिया
समाज में जजमेंटल रवैये पर अर्चना पूरन सिंह की राय
मुंबई, 5 अगस्त। अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने युवा पीढ़ी के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मानना है कि हम अक्सर जल्दी से राय बना लेते हैं। किसी भी पीढ़ी का व्यवहार उस माहौल पर निर्भर करता है, जिसमें वे बड़े होते हैं।
अर्चना ने एक बातचीत में कहा कि आज के बच्चे उसी माहौल का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें वे बड़े हुए हैं। पिछली पीढ़ियों से उनकी तुलना करना अनुचित है।
उन्होंने कहा, "हम एक समाज के रूप में अधिक जजमेंटल हो गए हैं। यदि बच्चे ऐसे हैं, तो इसके पीछे कोई न कोई कारण होगा। बच्चे उसी तरह के होते हैं, जैसा माहौल उन्हें मिलता है। अगर आप माहौल में बदलाव लाएंगे, तो बच्चे भी बदलेंगे। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।"
जब उनसे पूछा गया कि बच्चों को अक्सर माता-पिता और समाज द्वारा बनाए गए व्यवहार के लिए क्यों जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो उन्होंने उत्तर दिया, "अगर मेरे नाती-पोते किसी विशेष व्यवहार का प्रदर्शन करते हैं और मैं उनकी तुलना अपने बच्चों से करती हूं, तो यह गलत होगा। बच्चे कुछ भी अपने आप नहीं सीखते, उन्हें सिखाया जाता है।"
जेनरेशन Z पर तकनीक के प्रभाव के बारे में बात करते हुए, अर्चना ने कहा कि यह पीढ़ी ऐसे हालात में बड़ी हो रही है, जो पिछली पीढ़ियों के अनुभवों से बहुत भिन्न हैं। उन्होंने कहा, "हम एक विशेष समय में पैदा हुए थे, इसलिए हमने उस समय के अनुसार व्यवहार किया। जेनरेशन Z तकनीक के युग में पली-बढ़ी है। उनके हाथों में गैजेट्स जल्दी आ गए हैं। बच्चे पहले भी गलत व्यवहार करते थे, लेकिन आज उनके पास ऐसे उपकरण हैं, जिनके बारे में हमने कभी सोचा भी नहीं था। उन्हें उसी के अनुसार ढलना पड़ेगा, यही उनकी जिंदगी है।"
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