क्या आप जानते हैं मौली दवे? जानें इस 'इंडियन शकीरा' की कहानी!
मौली दवे: एक बहु-प्रतिभाशाली कलाकार
मुंबई, 2 जून। गायिका, अभिनेत्री और टीवी होस्ट मौली दवे ने अपने टैलेंट और मेहनत के बल पर मनोरंजन उद्योग में एक विशेष स्थान बनाया है। उन्होंने ‘सा रे गा मा पा चैलेंज 2007’ में अपनी अद्भुत गायकी से दर्शकों का दिल जीत लिया। मौली आज भी अपनी मधुर आवाज के लिए जानी जाती हैं।
विशेष रूप से, फिल्म ‘गुरु’ के प्रसिद्ध गाने ‘मया मया’ ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया। उनकी इस शानदार प्रस्तुति से प्रभावित होकर संगीतकार बप्पी लहरी ने उन्हें ‘इंडियन शकीरा’ का उपाधि दी।
3 जून 1987 को अहमदाबाद में जन्मी मौली का संगीत से गहरा नाता बचपन से ही रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गुजरात में पूरी की और फिर उनका परिवार अमेरिका के टेक्सास में बस गया। वहीं, उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और टेक्सास यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। साथ ही, उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण भी लिया।
अपने संगीत के प्रति जुनून को करियर में बदलने के लिए, मौली ने केवल 19 वर्ष की उम्र में मुंबई का रुख किया। इस दौरान उन्हें ‘सा रे गा मा पा चैलेंज 2007’ में भाग लेने का अवसर मिला। इस शो के विदेशी ऑडिशन में चयनित होकर उन्होंने अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया और अपनी गायकी से सभी को प्रभावित किया।
शो में मौली ने गुरु फिल्म के गाने ‘मया मया’ को गाया, जिसे दर्शकों और जजों ने बहुत सराहा। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति, आत्मविश्वास और अनोखे अंदाज ने उन्हें प्रतियोगिता की सबसे चर्चित प्रतिभागियों में से एक बना दिया। हालांकि वह विजेता नहीं बन सकीं, लेकिन फाइनलिस्ट के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। बप्पी लहरी द्वारा दिया गया ‘इंडियन शकीरा’ का खिताब उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाने में सहायक रहा।
गायकी के अलावा, मौली ने अभिनय और एंकरिंग में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। 2008 में, उन्होंने जी टीवी के फैमिली शो ‘रॉक एन रोल फैमिली’ को होस्ट किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जूम टीवी की टेलीफिल्म ‘एक अनहोनी’ में भी अभिनय किया। मौली रोहित शेट्टी के स्टंट आधारित रियलिटी शो ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी’ का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जिससे उन्होंने अपनी साहसिक छवि को दर्शकों के सामने पेश किया।
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