क्या आप जानते हैं अल्जाइमर के लक्षण? लारा दत्ता ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारी
लारा दत्ता का अल्जाइमर पर जागरूकता संदेश
नई दिल्ली, 21 सितंबर। वर्ल्ड अल्जाइमर डे के अवसर पर, अभिनेत्री लारा दत्ता भूपति ने अल्जाइमर जागरूकता के लिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, उन्होंने मीडिया से बातचीत की और लोगों से आग्रह किया कि अल्जाइमर को केवल भूलने की बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। इस बीमारी पर परिवार में समय पर चर्चा करना आवश्यक है ताकि इसके प्रारंभिक लक्षणों को पहचाना जा सके और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त की जा सके।
लारा ने कहा, ''आज वर्ल्ड अल्जाइमर डे है और मैं जो सबसे महत्वपूर्ण संदेश देना चाहती हूं, वह यह है कि हम अक्सर मानते हैं कि अल्जाइमर सिर्फ भूलने की बीमारी है। मेरी मां 80 वर्ष की हैं और पिछले 10 वर्षों से अल्जाइमर और डिमेंशिया से जूझ रही हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''हम जो देखभाल उन्हें प्रदान कर पा रहे हैं, वह अच्छे चिकित्सकों, एक मजबूत समर्थन प्रणाली और देखभाल करने वालों की मदद के बिना संभव नहीं होती। इसलिए, अल्जाइमर के संदर्भ में, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम इसके बारे में चर्चा करें और संवाद शुरू करें।''
लारा ने बताया, ''बीमारी के प्रारंभिक लक्षणों को समझना बहुत आवश्यक है। हमें जितनी जल्दी हो सके शुरुआत करनी चाहिए, ताकि बीमारी को उसके प्रारंभिक चरण में पहचाना जा सके और खुद को मजबूत बनाया जा सके। यदि हमें अपने किसी करीबी में या खुद में सोचने या याददाश्त में बदलाव महसूस होता है, तो हमें सही तरीके से मदद लेनी चाहिए।''
अभिनेत्री ने लोगों से अपील की कि हर प्रकार की भूलने की समस्या को सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा मान लेना गलत है। उन्होंने कहा, ''इसे केवल भूलने की समस्या समझकर पांच साल तक इंतजार मत कीजिए कि देखते हैं क्या होता है। यह बहुत जरूरी है कि आप इसे सामान्य उम्र बढ़ने की प्रक्रिया मानकर न चलें।''
इसके अतिरिक्त, लारा ने लोगों से अच्छे स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों से मिलने, सवाल पूछने और आवश्यकता अनुसार समर्थन प्रणाली तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा, ''अल्जाइमर या डिमेंशिया से प्रभावित व्यक्ति के साथ-साथ उनकी देखभाल करने वाले परिवार के सदस्यों को भी सहायता और सहयोग की आवश्यकता होती है।''
गौरतलब है कि हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है। अल्जाइमर डिमेंशिया का सबसे सामान्य कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2021 में दुनिया भर में लगभग 57 मिलियन लोग डिमेंशिया से प्रभावित थे और हर साल लगभग 10 मिलियन नए मामले सामने आते हैं। डिमेंशिया याददाश्त, सोचने और दैनिक कार्यों को करने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। 2026 के वर्ल्ड अल्जाइमर मंथ की थीम 'द अर्लियर यू नो, द मोर यू कैन डू: ए डिमेंशिया डायग्नोसिस मैटर्स' है।
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