Movie prime

कौन हैं ललिता पवार? जानें हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार सास की कहानी

ललिता पवार, हिंदी सिनेमा की एक अद्वितीय अभिनेत्री, जिन्होंने 700 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनकी जयंती 18 अप्रैल को मनाई जाती है। जानें उनके जीवन के संघर्ष और अदाकारी के बारे में, जिसने उन्हें सिनेमा की दुनिया में अमिट पहचान दिलाई।
 
कौन हैं ललिता पवार? जानें हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार सास की कहानी

ललिता पवार: सिनेमा की अनमोल धरोहर




मुंबई, 17 अप्रैल। ललिता पवार का नाम हिंदी सिनेमा के प्रशंसकों के लिए किसी परिचय का मोहताज नहीं है। चाहे वह खतरनाक सास का किरदार हो या रामायण में मंथरा का, उन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी जयंती 18 अप्रैल को मनाई जाती है।


हिंदी फिल्मों में सास के किरदार की छवि इतनी प्रबल हो गई थी कि दर्शक उन्हें देखकर डर जाते थे, लेकिन असल में वह एक मेहनती और समर्पित अभिनेत्री थीं। मात्र 9 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली ललिता ने अपने करियर में 700 से अधिक फिल्मों में काम किया और भारतीय सिनेमा में एक विशेष स्थान बनाया।


ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को नासिक के योला कस्बे में हुआ। उनका असली नाम अंबा लक्ष्मण राव शगुन था। उनके पिता लक्ष्मण राव शगुन सिल्क और कॉटन के बड़े व्यापारी थे। 9 साल की उम्र में उन्होंने एक मूक फिल्म में बाल कलाकार के रूप में काम किया और इसके लिए उन्हें केवल 18 रुपए मिले। उस समय लड़कियों को स्कूल भेजना आम नहीं था, लेकिन उनके पिता ने घर पर उर्दू-हिंदी शिक्षक और शास्त्रीय संगीत की व्यवस्था की।


ललिता पवार की खूबसूरती और अदाकारी ने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे महंगी हीरोइन बना दिया। हालांकि, 1942 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान एक गंभीर हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। भगवान दादा द्वारा दिए गए एक थप्पड़ से उनकी आंख की नस फट गई, जिससे उन्हें लगभग तीन साल तक फिल्म इंडस्ट्री से दूर रहना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में वापसी की।


1948 में फिल्म 'गृहस्थी' से उनकी वापसी हुई। 1950 में वी. शांताराम की फिल्म 'दहेज' में उन्होंने पहली बार क्रूर सास का किरदार निभाया, जिसने उन्हें रातोंरात प्रसिद्ध कर दिया। दर्शक उनकी अदाकारी से इतने प्रभावित हुए कि कई माताएं प्रार्थना करने लगीं कि उनकी बेटियों को ललिता पवार जैसी सास न मिले। उन्होंने दिलीप कुमार, देव आनंद, और राज कपूर जैसे सितारों के साथ काम किया।


रामानंद सागर की रामायण में मंथरा का किरदार निभाकर उन्होंने एक अमिट छाप छोड़ी।


ललिता पवार की दो शादियां हुईं। पहली शादी फिल्म प्रोड्यूसर जी.पी. पवार से हुई, लेकिन तलाक हो गया। दूसरी शादी राजकुमार गुप्ता से हुई, जिनसे उन्हें एक बेटा जय पवार हुआ। 24 फरवरी 1998 को 81 वर्ष की आयु में पुणे में उनका निधन हुआ। जबड़े के कैंसर से पीड़ित ललिता पवार की मौत की खबर तीन दिन बाद मिली।


OTT