कैसे स्वीडन की एली अवराम बनीं बॉलीवुड की चमकती सितारा? जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी!
एली अवराम का बॉलीवुड सफर
मुंबई, 28 जुलाई। एली अवराम, जो आज बॉलीवुड की एक प्रमुख अभिनेत्री मानी जाती हैं, ने अपने करियर की शुरुआत स्वीडन में की थी। जब वह छोटी थीं, तब उन्होंने हिंदी सिनेमा को देखकर इस क्षेत्र में कदम रखने का सपना देखा। उस समय, जब अधिकांश बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचने में लगे होते हैं, एली ने एक फिल्म देखकर तय कर लिया था कि वह एक्ट्रेस बनेंगी।
एली का जन्म 29 जुलाई 1990 को स्टॉकहोम, स्वीडन में हुआ। उनका पूरा नाम एलिसाबेट अवरामिदू ग्रानलुंड है। बचपन से ही उन्हें डांस, गाना और अभिनय में रुचि थी। एली ने एक बार बताया कि जब वह 14 साल की थीं, तब उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' देखी थी। इस फिल्म ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने बॉलीवुड में काम करने का सपना देखना शुरू कर दिया।
अपने सपने को साकार करने के लिए, एली ने कम उम्र से ही मेहनत करना शुरू कर दिया। 17 साल की उम्र में, वह 'परदेसी डांस ग्रुप' से जुड़ीं और बॉलीवुड गानों पर डांस करने लगीं। इसके बाद, उन्होंने स्वीडन में कुछ एक्टिंग प्रोजेक्ट्स में भी भाग लिया। 2008 में, उन्होंने स्वीडिश फिल्म 'फॉर्बिडन फ्रूट' में अभिनय किया।
2012 में, एली अपने बॉलीवुड सपने को पूरा करने के लिए भारत आईं। वह टूरिस्ट वीजा पर मुंबई पहुंची थीं, लेकिन उनका असली उद्देश्य हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना था। शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें नई भाषा और प्रतिस्पर्धा शामिल थी। उन्होंने हिंदी बोलना सीखा, डांस की ट्रेनिंग ली और लगातार ऑडिशन देने लगीं।
एली को पहला बड़ा ब्रेक फिल्म 'मिकी वायरस' से मिला, जो 2013 में रिलीज हुई। हालांकि इस फिल्म से उन्हें सीमित पहचान मिली, लेकिन उसी साल 'बिग बॉस 7' में भाग लेने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं। शो में उनकी मासूमियत और अनोखा अंदाज दर्शकों को भा गया।
इसके बाद, एली ने कई सफल फिल्मों में काम किया, जैसे कि 'किस किसको प्यार करूं', 'नाम शबाना', 'पोस्टर बॉयज', 'बाजार', 'मलंग', 'कोई जाने ना', 'गुडबाय' और 'गणपत'। आमिर खान के साथ उनका गाना 'हर फन मौला' भी काफी चर्चित रहा।
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